संकट की घड़ी में सम्राट सरकार द्व्रारा मदद: बिहार के बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में आज भेजी जाएगी राहत राशि

बिहार सरकार ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता जारी कर दी है। आज राज्य के 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये सीधे भेजे जाएंगे। डीबीटी (DBT) के जरिए पारदर्शी भुगतान: इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 579.23 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे यह पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे जरूरतमंदों के खातों तक पहुंचे।
बिहार में बाढ़ से प्रभावित लाखों परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बड़ा कदम उठाते हुए आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी है। इसके तहत आज राज्य के 8 लाख से अधिक परिवारों के बैंक खातों में सीधे 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग और सरकार के निर्देशों के अनुसार, कुल 579.23 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर - DBT) के माध्यम से सीधे प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया गया है कि मदद की यह राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे, जिससे उनके रोजमर्रा के खर्चों और जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सके। सरकार द्वारा कुल 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को इस योजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हुई भारी बारिश और गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण राज्य के कई इलाके गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। राज्य के कुल 15 जिले (जैसे पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल) बाढ़ की चपेट में आए हैं।
इन जिलों के करीब 88 प्रखंडों की 575 से अधिक ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैलने से लगभग 49.36 लाख आबादी प्रभावित हुई है। हालांकि, अब धीरे-धीरे नदियों का जलस्तर कम होने लगा है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। संकट के इस समय में सरकार की यह वित्तीय सहायता बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा साबित होगी, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत और बचाव कार्य भी जारी रखे गए हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य किया जा सके।





