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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार: अनुष्का यादव के घर में जबरदस्ती घुसने के मामले में तेज प्रताप के खिलाफ एफआईआर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार: अनुष्का यादव के घर में जबरदस्ती घुसने के मामले में तेज प्रताप के खिलाफ एफआईआर

पटना। बिहार में उस वक्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब कोर्ट के आदेश पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के खिलाफ पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।

तेज प्रताप यादव के खिलाफ यह मुकदमा अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने दर्ज कराया है। अनुष्का यादव का नाम सार्वजनिक रूप से तेज प्रताप यादव के साथ जोड़ा जाता रहा है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

एएसपी (कानून-व्यवस्था) दिव्यांजलि जायसवाल के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है और उन्होंने सबूत के तौर पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है।

पुलिस का कहना है कि ये धमकियां कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से फोन करके दी गई थीं और शिकायत के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

एफआईआर के मुताबिक यह घटना 6 जून को हुई थी, जब तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव कथित तौर पर पाटलिपुत्र इलाके में आकाश यादव के घर गए थे जबकि आकाश खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जबरन घर में घुसने की कोशिश की और वहां मौजूद परिवार के सदस्यों को धमकाया।

आकाश यादव की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके परिवार को लेकर धमकियां दी गईं और बाद में उन्हें मोतीलाल यादव और एक अन्य व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया था।

शिकायत के अनुसार, कॉलर ने उन्हें तेज प्रताप के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ भी न बोलने की चेतावनी दी।

एफआईआर को लेकर तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया सामने आई। तेज प्रताप ने सभी आरोपों का पुरजोर खंडन किया है। साथ ही इस मामले को उन्होंने राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूरी तरह से मनगढ़ंत बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शिकायतकर्ता के आचरण को लेकर कानूनी नोटिस जारी किए जाने के बाद निजी रंजिश के कारण यह शिकायत दर्ज कराई गई थी।

उन्होंने लिखा कि इन आरोपों का मकसद उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक कद को नुकसान पहुंचाना था।

तेज प्रताप ने लिखा कि उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है। उन्होंने अपने आलोचकों पर झूठ फैलाने और चरित्र हनन के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

उन्होंने लिखा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि सबूतों और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी। तेज प्रताप ने संकेत दिया कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ वह सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएंगे।

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