बिहार बंद को मिला व्यापक जनसमर्थन, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

बिहार बंद को मिला व्यापक जनसमर्थन, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 09 जुलाई —
बिहार में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के विरोध में आयोजित 'संपूर्ण बिहार बंद' को जनता का भरपूर समर्थन मिला और यह बंद पूर्णतः सफल रहा। इस बंद के माध्यम से INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने और मतदाताओं के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया। इस आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने किया, जिनके साथ राजद नेता तेजस्वी यादव सहित अन्य विपक्षी दलों के शीर्ष नेता भी मौजूद थे।
राहुल गांधी ने पटना में हुए जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब भाजपा और आरएसएस के इशारे पर काम कर रहा है और महाराष्ट्र की तर्ज पर बिहार में भी विधानसभा चुनावों को "चोरी" करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 75 लाख नए मतदाता जोड़ दिए गए थे और वोटिंग प्रतिशत में 10% का अस्वाभाविक इजाफा हुआ था, जिससे भाजपा को जीत मिली। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही इमारत में 4-5 हजार वोटर पंजीकृत कर दिए गए जबकि गरीबों के वोट काट दिए गए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब INDIA गठबंधन ने महाराष्ट्र की मतदाता सूची और मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी की मांग की, तो चुनाव आयोग ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े कानूनों में संशोधन कर आयोग ने सच्चाई को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने आशंका जताई कि बिहार में भी वही मॉडल लागू किया जा रहा है ताकि चुनावी नतीजे प्रभावित किए जा सकें।
इस मौके पर तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य, डी. राजा, मुकेश साहनी, एम.ए. बेबी, तारिक अनवर, डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. शकील अहमद खान और अन्य विपक्षी नेताओं की उपस्थिति में विशाल जनसैलाब इनकम टैक्स गोलंबर से शहीद स्मारक तक उमड़ पड़ा। यह जुलूस बिहार के मतदाताओं के अधिकारों के लिए आवाज़ बनकर उभरा।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में हाल ही में किए गए बदलावों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की समिति द्वारा की जाती थी, लेकिन अब मोदी सरकार ने CJI को हटाकर कैबिनेट मंत्री को समिति में शामिल कर दिया है, जिससे चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि बिहार के लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना उनके भविष्य और संवैधानिक अधिकारों की खुली लूट है। उन्होंने दो टूक कहा कि पूरा INDIA गठबंधन बिहार की जनता के साथ खड़ा है और यह चुनावी "चोरी" किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दी जाएगी।





