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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

ग्रामीण सड़कों के लिए बड़ा बजट, 26,474 किमी नई सड़कों का लक्ष्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ग्रामीण सड़कों के लिए बड़ा बजट, 26,474 किमी नई सड़कों का लक्ष्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रामीण सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और अन्य ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं के तहत 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 18,907 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य देश के दूरदराज और अब तक सड़क संपर्क से वंचित क्षेत्रों को हर मौसम में सड़क सुविधा से जोड़ना है।

एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को कहा गया है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलवाईईए) की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की।

इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना सहित कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों और राज्यों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से उन गांवों और बस्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो अभी तक सड़क संपर्क से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।

केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम-जनमन योजना के तहत बची हुई सभी असंबद्ध बस्तियों को जल्द से जल्द जोड़ने का काम पूरा करें।

विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बस्तियों तक सड़क पहुंच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज करने, निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बयान के अनुसार, बैठक में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए चल रही सड़क संपर्क परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में सड़क बुनियादी ढांचे का विकास सुरक्षा, विकास और प्रशासनिक पहुंच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यों को संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

राज्यों ने मंत्रालय को भरोसा दिलाया कि लंबित परियोजनाओं और वार्षिक लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

बयान में कहा गया कि ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और दीर्घकालिक टिकाऊपन भी बैठक का प्रमुख विषय रहा। सचिव रोहित कंसल ने कहा कि ग्रामीण सड़कों की मजबूती और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका निर्माण। उन्होंने राज्यों से गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने, फील्ड निरीक्षण बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने को कहा।

बैठक में ई-मार्ग (ईलेक्ट्रॉनिक मेंटेनेंस ऑफ रूरल रोड्स अंडर पीएमजीएसवाई) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, प्रदर्शन मूल्यांकन और भुगतान की रियल-टाइम निगरानी की सुविधा देता है। सरकार का मानना है कि इसके व्यापक उपयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता में सुधार होगा।

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