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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने किया सेनानियों का सम्मान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने किया सेनानियों का सम्मान

- आपातकाल प्रदर्शनी का भी किया अवलोकनभोपाल, 26 जून (हि.स.)। प्रदेश की राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में शुक्रवार को 'लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन' का आयोजन किया गया। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों के अखिल भारतीय संगठन लोकतंत्र सेनानी संघ, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब दो हजार लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन शामिल हुए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रहे। उनके साथ पूर्व राज्यपाल त्रिपुरा, कप्तान सिंह सोलंकी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय, भाजपा के मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी तथा प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मंचासीन रहे।सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वरिष्ठ सेनानियों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी शांतिलाल संघवी तथा 95 वर्षीय वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आपातकाल की घटनाओं पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंध, मीसाबंदियों के संघर्ष, जेल जीवन तथा उस दौर के ऐतिहासिक दस्तावेजों और छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित सामग्री का अवलोकन करते हुए लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नमन किया।इस अवसर पर डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कृष्णा गौर, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया तथा विधायक रामेश्वर शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मेलन में वक्ताओं ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नई पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया।सम्मेलन के दौरान लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों ने एक-दूसरे से अपने अनुभव साझा किए तथा लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोकतंत्र सेनानियों का उत्साह और सम्मान समारोह का भावनात्मक माहौल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

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