भरत तिवारी एनकाउंटर पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा बयान- 'पुलिस से हुई थी चूक, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी...'

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कहा है कि पुलिस से चूक हुई थी। ‘पंचायत आजतक बिहार 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने न्यायिक जांच कराई और प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में पुलिस की गलती सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि पुलिस की हर कार्रवाई को सही मान लिया जाएगा। यदि किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी से नियमों का उल्लंघन या चूक होती है तो जांच के बाद उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी के परिवार के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री की ओर से परिवार को सहायता और नौकरी देने की घोषणा की जा चुकी है। सम्राट चौधरी ने कहा कि अपराधी की पहचान जाति, धर्म या वर्ग से नहीं, बल्कि उसके अपराध से होती है। कानून का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही पुलिस की कार्रवाई में गलती पाए जाने पर पुलिसकर्मियों को भी जवाबदेह बनाया जाएगा।
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग हुई। सरकार ने 20 जून को उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया था। घटना को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के दावों में अंतर रहा। पुलिस का कहना था कि भरत ने हथियार से पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई। वहीं स्थानीय स्तर पर उनकी मौत और पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग आरोप लगाए गए। बाद में न्यायिक जांच शुरू की गई, जिसमें गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को आवश्यक स्वतंत्रता देगी, लेकिन किसी भी कार्रवाई में नियमों का पालन जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की गलती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जांच में दोष सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भरत तिवारी मामले में मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दिया था और बाद में अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को सहायता तथा नौकरी देने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के दौरान परीक्षा व्यवस्था को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से एके-47 के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पर भी मुख्यमंत्री से प्रतिक्रिया ली गई। उन्होंने कहा कि मामले की समीक्षा के लिए हाई कोर्ट के एक सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानून के तहत सख्त प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।





