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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:35 · नई दिल्ली संस्करण

भाकपा-माले और ऐक्टू ने जलाई मजदूर-गरीब विरोधी बजट की प्रति

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भाकपा-माले और ऐक्टू ने जलाई मजदूर-गरीब विरोधी बजट की प्रति

भागलपुर।बिहार विधानसभा में पेश किए गए बजट को संघर्षरत तबकों के मांगों की अनदेखी करने वाला और मजदूर-गरीब विरोध बताते हुए भाकपा-माले ने तीन दिवसीय राज्यव्यापी प्रतिवाद के तहत गुरुवार को स्थानीय तिलकामांझी चौक पर विरोध प्रदर्शन कर बजट की प्रति जलाई।बजट में निर्माण मजदूरों की स्वास्थ्य भत्ता और असंगठित मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा की उपेक्षा से आक्रोशित मजदूरों ने नीतीश-भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और आगामी चुनाव में सबक सिखाने की घोषणा की। कार्यक्रम का नेतृत्व एआईसीडब्ल्यूएफ के राष्ट्रीय महासचिव एसके शर्मा एवं भाकपा-माले के नगर प्रभारी और ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने की। दोनों नेतृत्वकारियों ने मौके पर कहा कि नीतीश-भाजपा की सरकार मजदूर-गरीब विरोधी है। मेहनतकशों की लोकप्रिय मांगों को दरकिनार कर दिया गया है। शहरी मजदूरों के रोजगार गारंटी के सवाल सिरे से खारिज कर दिया गया है। निर्माण मजदूरों की वार्षिक स्वास्थ्य भत्ता और असंगठित मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा के बजट में कोई प्रावधान नहीं है।दोनों नेतृत्वकारियों ने कहा कि महंगाई से राहत के सवाल पर बजट चुप है। 200 यूनिट फ्री बिजली, बुढ़ापा पेंशन में बढ़ोतरी, महिलाओं को 3000 हजार रुपये सहायता राशि देने, गरीबों के वास-आवास, पक्का मकान आदि सवाल गायब है। आशा, रसोईया आदि स्कीम वर्करों एवं स्वास्थ्य-सफाई कर्मियों की मजदुरी वृद्धि, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं की कर्ज माफी, आउटसोर्स - ठेका - मानदेय कर्मियों का नियमितीकरण के सवाल को नकार दिया गया है। कुल मिला कर बजट में सिर्फ धनाढ्यों, साधन-सम्पन्न लोगों के हित को ही ध्यान में रखा गया है। कार्यक्रम में एआईसीडब्ल्यूएफ के राष्ट्रीय महासचिव एसके शर्मा, भाकपा-माले के नगर प्रभारी और ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त, भाकपा-माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल, तिलकामांझी ब्रांच सचिव अमर कुमार, नगर कमिटी सदस्य अमित गुप्ता, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के बबलू यादव, प्रदीप यादव, तिरंजन पासवान, श्रीकांत सिंह, पिंटू पोद्दार, मो. सलाम सहित काफी संख्या में मजदूर शामिल हुए।

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