मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:54 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में भागलपुर की रेखा दीदी ने सरकार की जीविका से बदली 30 महिलाओं की किस्मत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में भागलपुर की रेखा दीदी ने सरकार की जीविका से बदली 30 महिलाओं की किस्मत

पटना। नीतीश कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा बिहार न केवल विकास की नई गाथा लिख रहा है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अनेकों प्रेरक कहानियां रच रहा है। बिहार में भागलपुर जिले के आकांक्षी प्रखंड पीरपैंती की प्यालपुर पंचायत, गोकुल मथुरा निवासी रेखा देवी, जो जीविका के दम पर दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर पूरे इलाके में 'रोजगार देने वाली दीदी' के नाम से मशहूर हैं।

कभी रेखा के पति गुजरात में मजदूरी करते थे, जिससे घर चलाना बहुत मुश्किल था। बिना छत का घर, दो जून की रोटी के लिए जद्दोजहद, फिर भी हिम्मत नहीं हारी। जीविका से प्रेरित होकर गांव में ही स्वयं सहायता समूह बनाया, खुद उसकी नेतृत्वकर्ता बनीं और महिलाओं को जोड़ने लगीं।

नीतीश सरकार की जीविका योजना ने रेखा दीदी जैसे लाखों महिलाओं को पंख दिए हैं। अब तक रेखा दीदी ने करीब 30 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।

पीएमएफएमई योजना, कृषि विश्वविद्यालय सबौर से प्रशिक्षण, चाय स्टॉल, मशरूम उत्पादन, पकोड़े-सत्तू की दुकानें—इनसे जोड़कर रेखा दीदी महिलाओं को रोजगार दिला रही हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से 10 हजार रुपये की सहायता से बकरी पालन को प्रोत्साहित कर कई दीदियों को बकरियां तक खरीद कर दिलाईं, जिससे वे रोजगार कर अपनी आजीविका चला सकें।

आज गोकुल मथुरा में रेखा दीदी मशरूम उत्पादन यूनिट चला रही हैं, जहां 10 से 12 महिलाएं रोजगार पा रही हैं। बिक्री न हो तो मशरूम अचार का बनाकर बेचती हैं। खास बात ये हा कि वे आर्थिक रुप से कमजोर और विधवाओं को प्राथमिकता देती हैं, जीविका से लोन दिलाती हैं।

रेखा दीदी की मेहनत का ही परिणाम है कि पूजा जिसे 'गांव में पूछने वाला कोई नहीं था, सास ताने मारती थीं। रेखा दीदी ने जीविका से जोड़ा, 10 हजार से सिलाई मशीन खरीदी। अब मशरूम यूनिट में भी काम कर अच्छी कमाई कर रही है। उसी तरह शिल्पी दीदी जिसे 'दो वक्त का खाना मुश्किल था। जीविका लोन से आटा चक्की लगाई, फिर 1 लाख से चना-सत्तू उत्पादन। पूजा, शिल्पी दीदी जैसी दर्जनों महिलाएं आज रेखा दीदी के नेतृत्व में आगें बढ़ रही हैं ।

जीविका के बीपीएम दीपक कुमार बताते हैं, 'मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत महिलाओं को समूहों में जोड़कर प्रशिक्षण और लोन देते हैं। आत्मनिर्भर महिलाएं लोन समय पर लौटाती हैं, जो योजना की सफलता है।'

रेखा दीदी की कहानी महिलाओं सशक्तिकरण का जीता-जागता प्रमाण है। नीतीश सरकार की योजनाओं से न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि सम्मान भी। आज वे मशरूम दूसरे शहरों तक भेज रही हैं, और पीरपैंती की कई असहाय महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें