बैंकों से 46000 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अर्चना मित्तल को मिली ज़मानत

बैंकों से 46000 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अर्चना मित्तल को मिली जमानत
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बैंकों से 46000 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में भूषण स्टील के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की बहन अर्चना अजय मित्तल को जमानत दे दी है। स्पेशल जज राजेश कुमार गोयल ने अर्चना अजय मित्तल को जमानत देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अर्चना अजय मित्तल को दस लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही रकम के जमानतदार के आधार पर जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपित को निर्देश दिया कि वो बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़कर बाहर नहीं जाएंगी। कोर्ट ने कहा आरोपित को जब भी जांच के लिए बुलाया गया वो ईडी के दफ्तर गई। कोर्ट ने कहा कि आरोपित 24 जुलाई 2023, 07 अगस्त 2023 और 10 जनवरी 2024 को ईडी के दफ्तर में गई थीं। ईडी के समक्ष पेश होने को ईडी ने भी स्वीकार किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि आरोपित ने पूछताछ के लिए बुलाने पर नोटिस को नजरअंदाज किया या वो पूछताछ से भाग गई। आरोपित का पहले का कोई ऐसा व्यवहार सामने नहीं आया है, जिससे पता चले कि उसके भागने की संभावना है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दूसरे सह आरोपित जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं वे अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं।
ईडी के मुताबिक भूषण स्टील ने विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से लोन हासिल किया और 31 मार्च 2017 तक कंपनी पर 46,646.73 करोड़ रुपये की देनदारी थी। अर्चना मित्तल के पति अजय मित्तल फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। अजय मित्तल पर आरोप है कि उसने इस अपराध में 70 करोड़ रुपये हासिल किए। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने भूषण स्टील की एक संपत्ति को गिरवी रखा और उससे मिले पैसों को नीरज सिंघल के परिवार को दे दिए। नीरज सिंघल भी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
ईडी ने छापा मारकर नीरज सिंघल को जून 2023 में गिरफ्तार किया था। ईडी ने अगस्त 2023 में आरोपितों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी के मुताबिक सिंघल और उसके सहयोगियों ने कई फर्जी कंपनियां बनाई थी और उन सभी के प्रमोटर भूषण स्टील से जुड़े हुए थे। ये सभी मिलकर साजिश के तहत एक कंपनी से दूसरे कंपनी में पैसा घुमाते थे ताकि बैंकों को धोखा दिया जा सके।
भूषण स्टील के खिलाफ सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने 2019 में केस दर्ज किया था। एसएफआईओ की ओर से चार्जशीट दाखिल होने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई शुरू की गई।





