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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने पद छोड़ा, दो साल पहले दिया इस्तीफा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने पद छोड़ा, दो साल पहले दिया इस्तीफा

ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को पद से इस्तीफा दे दिया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, संसद के स्पीकर ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया।

शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति का पद संभाला था। वह जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के बाद देश के इकलौते ऐसे बड़े संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो अपने पद पर बने हुए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने तय समय से करीब दो साल पहले ही इस्तीफा दे दिया।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' से बात करते हुए शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। मैं कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं।

फिलहाल, मुझे इससे ज्‍यादा कुछ नहीं कहना है।

'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से बताया क‍ि शहाबुद्दीन के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब यह रिपोर्ट सामने आई कि इस साल मई में इलाज के लिए लंदन जाने के दौरान उन्होंने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति से इस्तीफा देने के लिए कहा गया।

हालांकि, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सिर्फ यही फोन कॉल इस्तीफे की वजह नहीं थी। उनके मुताबिक, पूरा मामला इससे कहीं ज्‍यादा जटिल है।

जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के दौरान शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद से ही शहाबुद्दीन के राष्ट्रपति पद पर बने रहने को लेकर देश में लगातार राजनीतिक बहस चल रही थी।

बांग्लादेश के एक अन्य प्रमुख अखबार 'प्रोथोम अलो' ने भी यह बात कही है।

बांग्लादेश की तेजी से बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई तेज कर रही है।

यह घटनाक्रम शहाबुद्दीन के हालिया दावों के बाद सामने आया है, जिनमें उन्होंने कहा था कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश हुई थी।

इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश के बंगाली अखबार 'कालेर कंथो' को ढाका स्थित राष्ट्रपति भवन बंगाभवन में दिए गए एक इंटरव्यू में शहाबुद्दीन ने कहा था कि डेढ़ साल तक चली अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें किसी भी अहम चर्चा में शामिल नहीं किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साज‍िशें रची गईं, उन्हें पद से हटाने की कोशिश हुई और देश में अस्थिरता फैलाकर संवैधानिक संकट पैदा करने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा, "इन डेढ़ वर्षों के दौरान मुझे किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद मेरे खिलाफ तरह-तरह की साज‍िशें रची जा रही थीं। देश की शांति और व्यवस्था को हमेशा के लिए बिगाड़ने और संवैधानिक संकट पैदा करने की कई कोशिशें की गईं।"

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