बांग्लादेश में अस्पताल से दुष्कर्म पीड़ित युवती का अपहरण
ढाका,
29 जनवरी । बांग्लादेश के खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वन-स्टॉप
क्राइसिस सेंटर (ओसीसी) से दुष्कर्म पीड़ित युवती का अपहरण कर लिया गया।
अपहर्ता उसे और उसकी मां को जबरदस्ती छोटी कार में ठूंस कर ले गए। यह
वारदात रविवार दोपहर की बताई गई है।
ढाका ट्रिब्यून समाचार
पत्र ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वारदात के वक्त पीड़ित युवती
के रिश्तेदार, पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी मौजूद थे। युवती को
अगवा करने पहुंचे बदमाशों ने पत्रकारों के कैमरे भी छीनने की कोशिश की।
विरोध करने पर रिश्तेदारों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर हमला
किया।
रिपोर्ट के अनुसार 28 वर्षीय पीड़िता ने ओसीसी के एक
डॉक्टर को बताया था कि डुमुरिया उप जिला अध्यक्ष गाजी इजाज अहमद से उसके
चार-पांच साल से शारीरिक संबंध थे। वह उससे जबरदस्ती शादी करना चाहता था।
वह लगातार इसके लिए मना कर रही थी। शनिवार रात वह उसे अपने कार्यालय ले गया
और जब उसने उससे शादी करने से इनकार कर दिया तो उसका शारीरिक उत्पीड़न
किया।
बांग्लादेश मानवाधिकार कार्यान्वयन संगठन के खुलना
संभागीय समन्वयक वकील मोमिनुल इस्लाम ने कहा कि सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
युवती को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए रविवार दोपहर अस्पताल पहुंचा।
शाम करीब साढ़े पांच बजे एक अज्ञात व्यक्ति को ओसीसी से युवती का क्लीयरेंस
पेपर लेते देखा गया। उन्होंने कहा, जब उनसे उनकी पहचान के बारे में पूछा
गया तो ओसीसी प्रभारी ने सभी को बाहर निकाल दिया। इसके बाद 15-20 लोग युवती
और उसकी मां को जबरन उठा ले गए।
इस संबंध में खुलना
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के सहायक आयुक्त (सोनाडांगा) अबू नसेर अल अमीन ने कहा
कि हमें जानकारी है कि युवती अपनी मां के साथ गई है। घटना की जांच की जा
रही है। आरोपित गाजी के चचेरे भाई और डुमुरिया उपजिला के रुदाघरा संघ परिषद
के अध्यक्ष गाजी तौहिदुज्जमान को स्थानीय लोगों ने दबोचकर पुलिस को सौंप
दिया है। गाजी इजाज अहमद ने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में कुछ भी पता
नहीं है। सोनाडांगा पुलिस स्टेशन प्रभारी अमीरुल इस्लाम ने कहा है कि पता
चला है कि युवती अस्पताल से स्वेच्छा से मां के घर गई है। गाजी
तौहिदुज्जमान जनप्रतिनिधि हैं। भीड़ ने उसे पुलिस को सौंपा है। वह फिलहाल
हिरासत में है।





