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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी की मतदाताओं से अपील, 1971 के पाकिस्तानी सहयोगियों को नकारें

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी की मतदाताओं से अपील, 1971 के पाकिस्तानी सहयोगियों को नकारें

ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के लिए चुनाव प्रचार शुरू होते ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने जमात-ए-इस्लामी पर परोक्ष हमला बोलते हुए मतदाताओं से अपील की है कि वे 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना के साथ सहयोग करने वालों को वोट देकर “देश को बर्बाद न करें।”

बीएनपी के महासचिव मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव ज़िले के सदर उपज़िला स्थित बीडी हाई स्कूल मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। वह आगामी चुनाव में ठाकुरगांव-1 संसदीय सीट से उम्मीदवार हैं।

बांग्लादेश के प्रमुख अख़बार द डेली स्टार के मुताबिक, फ़खरुल ने कहा, “जिन लोगों ने आख़िरी समय तक पाकिस्तानी सेना की मदद की, वही आज देश पर शासन करने के लिए वोट मांग रहे हैं। उन्हें वोट देकर देश को बर्बाद मत कीजिए।

उन्होंने आगे कहा, “हम 1971 की भावना को जीवित रखना चाहते हैं, क्योंकि हमारी पहचान वहीं से आती है। पाकिस्तान के शोषण और दमन के कारण ही बांग्लादेश का जन्म हुआ। हमने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आज़ादी हासिल की।”

रैली के दौरान हिंदू समुदाय को संबोधित करते हुए फ़खरुल ने कहा कि देशभर में हिंदुओं के बीच अक्सर उत्पीड़न का डर रहता है, लेकिन उन्हें भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है।

इधर, फरवरी चुनाव से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने विपक्षी दलों पर चुनाव आचार संहिता के व्यापक उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ढाका स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद जमात के सहायक महासचिव एहसानुल महबूब ज़ुबैर ने पत्रकारों से कहा कि पिछले कुछ दिनों में उनके कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर हमले किए गए हैं।

ज़ुबैर ने आरोप लगाया, “हमारी महिला कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है, अपमानित किया जा रहा है और कुछ जगहों पर उनसे घूंघट हटाने को कहा गया।

कई मामलों में उनके मोबाइल फोन भी छीने गए हैं।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन घटनाओं पर काबू नहीं पाया गया, तो चुनाव से पहले हालात और बिगड़ सकते हैं।

वहीं, एनसीपी नेताओं ने भी आरोप लगाया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी दल चुनाव नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और प्रशासन की ओर से बहुत कम हस्तक्षेप हो रहा है। एनसीपी ने दावा किया कि ढाका-18 सीट से उसके उम्मीदवार के चुनाव अभियान पर हमला हुआ, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर “नकारात्मक संदेश” जा रहा है।

एनसीपी नेता आयमन राहा ने बीएनपी के ढाका-8 सीट के उम्मीदवार पर सरकारी वाहनों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा, “जब ऐसी चीजें खुलेआम होती हैं और कोई कार्रवाई नहीं होती, तो जनता में डर पैदा होता है। हमें लगता है कि हमें बराबरी का चुनावी माहौल नहीं मिल रहा है।

बता दें कि 12 फरवरी के चुनाव से पहले बांग्लादेश में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। जिन दलों ने पहले अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के साथ मिलकर शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की लोकतांत्रिक सरकार को हटाने में भूमिका निभाई थी, वही अब आगामी चुनाव जीतने के लिए आपसी सत्ता संघर्ष में उलझे हुए हैं।

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