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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

बांग्लादेश अवामी लीग ने 2004 के ग्रेनेड हमले को किया याद, बताया 'भयावह और शर्मनाक'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

ढाका। बांग्लादेश की अवामी लीग ने गुरुवार को ढाका के बंगबंधु एवेन्यू में अपनी आतंकवाद विरोधी शांति रैली निकाली। 2004 में हुए ग्रेनेड हमले को याद किया और कहा कि वो देश के राजनीतिक इतिहास में एक 'भयावह और शर्मनाक' दिन था।

पार्टी ने बताया कि हमले के दौरान उसकी रैली पर कई सैन्य स्तर के ग्रेनेड फेंके गए, जिसमें अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों के 24 नेता और कार्यकर्ता मारे गए तथा 500 से अधिक लोग स्थायी रूप से अपंग हो गए।

अवामी लीग के अनुसार, 21 अगस्त 2004 को यह बर्बर हमला तत्कालीन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन सरकार के प्रत्यक्ष संरक्षण में किया गया था।

पार्टी ने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य अवामी लीग की अध्यक्ष और तत्कालीन विपक्ष की नेता शेख हसीना की हत्या करना और बांग्लादेश की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और 1971 के मुक्ति संग्राम की भावना को नष्ट करना था।

पार्टी ने बताया कि हमले में इस्तेमाल किए गए ग्रेनेड और अन्य साक्ष्यों से भी इस घटना में पाकिस्तान और उसके स्थानीय एजेंटों की संलिप्तता साबित होती है।

अवामी लीग ने अपने बयान में कहा, "1971 में हारी हुई ताकतों, देशी और विदेशी, ने मिलकर अवामी लीग के नेतृत्व वाली मुक्ति समर्थक शक्तियों को खत्म करने, बांग्लादेश को पाकिस्तानी विचारधारा के अनुरूप एक आतंकवादी और असफल देश बनाने, और लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को कुचलने की कोशिश की। लेकिन ईश्वर की कृपा से, अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना उस दिन बाल-बाल बच गईं, जिससे हमारी उम्मीद की लौ जिंदा रही।"

मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए पार्टी ने कहा कि "अवैध कब्जा करने वाला, हत्यारा-फासीवादी यूनुस गुट अब बांग्लादेश को उसी पाकिस्तानी वैचारिक दिशा में ले जा रहा है, जिस दिशा में वह उन अतिवादी सांप्रदायिक आतंकवादी ताकतों का अवतार है।"

अवामी लीग ने कहा कि 2004 के 21 अगस्त ग्रेनेड हमले के मामले में 14 साल बाद 2018 में बांग्लादेश की अदालत ने फैसला सुनाया। इसमें 19 लोगों को फांसी, बीएनपी नेता तारिक रहमान सहित 19 अन्य को उम्रकैद और 11 पुलिस व सेना अधिकारियों को अलग-अलग जेल की सजा दी गई।

लेकिन, अवामी लीग का दावा है कि यूनुस के "गैर-संवैधानिक" तरीके से सत्ता में आने के बाद, उनकी देखरेख में हाईकोर्ट ने एक हास्यास्पद फैसला सुनाया, जिसमें सभी दोषियों को बरी कर दिया गया। पार्टी ने इसे देश के इतिहास में एक और शर्मनाक घटना बताया, जो हमले जितनी ही निंदनीय है।

पार्टी ने लोकतंत्र, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही, बांग्लादेश के लोगों से बीएनपी, जमात और यूनुस जैसे "चरमपंथी सांप्रदायिक उग्रवादियों" के खिलाफ एकजुट होकर लोकतंत्र बहाल करने की अपील की।

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