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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

पाकिस्तान के खिलाफ नीदरलैंड में बलूचों का प्रदर्शन, सुराब एयरस्ट्राइक का जवाब मांगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पाकिस्तान के खिलाफ नीदरलैंड में बलूचों का प्रदर्शन, सुराब एयरस्ट्राइक का जवाब मांगा

एम्स्टर्डम। पाकिस्तान की बर्बरता के खिलाफ बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने नीदरलैंड में रैली निकाली। जिसमें बलूचिस्तान के सुराब जिले में पाकिस्तान वायु सेना के हालिया हवाई हमलों की निंदा की गई। इस स्ट्राइक में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे।

रैली को संबोधित करते हुए, बीएनएम कार्यकर्ताओं ने सुराब हमले को एक गंभीर "मानवीय त्रासदी" बताया और बलूचिस्तान में हो रही ज्यादती पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रांत में मानवाधिकारों की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।

महिलाओं और बच्चों समेत आम नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आग्रह किया कि वे सुराब में हुई बमबारी पर तुरंत ध्यान दें और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाएं।

यह घटना 12 अगस्त की सुबह हुई, जब पाकिस्तानी वायु सेना ने कथित तौर पर सुराब के गिदार इलाके में रिहायशी इलाकों पर अंधाधुंध बमबारी की, जिससे आम नागरिक मारे गए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।

बीएनएम ने कहा, "प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे उस हमले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करें ताकि सच्चाई का पता चल सके। उन्होंने डच नागरिक समाज, राजनीतिक नेताओं और यूरोपीय देशों से भी आग्रह किया कि वे बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दें और प्रभावित परिवारों के पक्ष में आवाज उठाएं।"

बीएनएम कार्यकर्ताओं ने नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय देशों में जागरूकता बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया और साथ ही बलूचिस्तान में नागरिकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की बहाली की मांग की।

हाल ही में, बलूच अमेरिकन कांग्रेस के अध्यक्ष तारा चंद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि वो बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के हालिया हवाई हमले का संज्ञान लें और तुरंत दखल दें। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे।

ट्रंप को लिखे अपने पत्र में चंद ने कहा, "हम सम्मानपूर्वक आपके प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वह इन गंभीर आरोपों की जांच करे और यह पता लगाए कि क्या इस कथित ऑपरेशन में अमेरिका में बने किसी विमान, हथियार, ड्रोन, टेक्नोलॉजी, पुर्जों या अन्य सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।

बलोच समुदाय की ओर से उन्होंने अमेरिकी प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि वह सुराब में हुए कथित हवाई हमलों और आम नागरिकों की मौत की जांच करे, यह पता लगाए कि क्या इसमें अमेरिका में बने सैन्य उपकरणों या टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ था, और पाकिस्तान को सप्लाई किए गए संबंधित अमेरिकी रक्षा उपकरणों के 'एंड-यूज' (अंतिम उपयोग) और नियमों के पालन की उचित समीक्षा करे।

पत्र में कहा गया, "राष्ट्रपति, बलोच बच्चे की जान भी दुनिया के किसी भी बच्चे की जान जितनी ही कीमती है। हम अमेरिका से सबूतों के बारे में पहले से कोई राय बनाने के लिए नहीं कह रहे हैं - हम आपके प्रशासन से सच्चाई का पता लगाने, नागरिकों की सुरक्षा करने और जवाबदेही तय करने के लिए कह रहे हैं। हम इस जरूरी मामले पर उपलब्ध दस्तावेज देने और संबंधित अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार हैं।"

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