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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:25 · नई दिल्ली संस्करण

उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ महोत्सव में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों पर झूमे श्रोता

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

पटना । कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा बक्सर जिला प्रशासन द्वारा डुमराव में आयोजित उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने किया। उद्घाटन समारोह में बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने बिहार के पारंपरिक लोकगीतों की खुशबू बिखेरते हुए उपस्थित श्रोता समूह का दिल जीत लिया । कार्यक्रम में लोक गायिका नीतू नवगीत ने कहा कि डुमरांव की धरती धन्य है जहां उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म हुआ । हिंदुस्तानी संगीत में उनका योगदान अप्रतिम है। एक सच्चे संगीत साधक की तरह उन्होंने हिंदुस्तान की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हुए धार्मिक रीति रिवाजों का पालन किया। बाबा विश्वनाथ की नगरी में बिस्मिल्लाह खां शहनाई बजाते ही थे, गंगा नदी के पावन तट पर बैठकर भी घण्टों रियाज़ किया करते थे। वह पांच वक्त के नमाजी थे, साथ ही हर त्यौहार में बढ़-चढ़ कर भाग लेते थे । भारत से उनका लगाव इतना ज्यादा था कि उन्होंने तमाम सुविधाओं को अस्वीकार करते हुए भारत में ही रहना मंजूर किया । महोत्सव में नीतू नवगीत ने कजरा मोहब्बत वाला, दमा दम मस्त कलंदर जैसे गीत गाकर वाहवाही प्राप्त की।

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