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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:49 · नई दिल्ली संस्करण

फडणवीस और शिंदे को यूएलसी घोटाले में फंसाने की हुई थी कोशिश, पूर्व डीजीपी की रिपोर्ट में खुलासा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फडणवीस और शिंदे को यूएलसी घोटाले में फंसाने की हुई थी कोशिश, पूर्व डीजीपी की रिपोर्ट में खुलासा

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति और पुलिस विभाग में भूचाल मचाने वाला एक गंभीर खुलासा हुआ है। पूर्व पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साल 2021 में तत्कालीन पुलिस महानिदेशक संजय पांडे ने महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा एकनाथ शिंदे को अर्बन लैंड सीलिंग (यूएलसी) घोटाले में झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की थी।

रिपोर्ट महाराष्ट्र के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपी गई है। इसमें कहा गया है कि संजय पांडे ने ठाणे के डीसीपी लक्ष्मीकांत पाटिल और एसीपी सरदार पाटिल को निर्देशित किया था कि वे 2016 के यूएलसी मामले में फडणवीस और शिंदे को आरोपी के रूप में पेश करें और यह दिखाएं कि उन्होंने बिल्डरों से अवैध वसूली की है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एसीपी सरदार पाटिल पर फडणवीस और शिंदे को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया गया।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपी संजय पुनामिया ने जांच एजेंसियों को एक ऑडियो क्लिप भी दी है, जिसमें कथित तौर पर संजय पांडे, लक्ष्मीकांत पाटिल और सरदार पाटिल के बीच फडणवीस को फंसाने की बातचीत सुनाई देती है।

महाराष्ट्र अर्बन लैंड सीलिंग स्कैम, 1976 के शहरी भूमि अधिग्रहण कानून से जुड़ा है।

इस कानून के तहत 500 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन वाले शहरी इलाके सरकार के अधीन आते थे, ताकि पब्लिक उपयोग के लिए जमीन सही तरीके से प्रबंधित हो सके। जमीन मालिकों और कुछ अफसरों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हुआ। जमीन मालिकों ने फर्जी दस्तावेज बनाए और यूएलसी के जरिए गलत प्रमाणपत्र हासिल किए, जिससे उनकी संपत्ति सरकारी अधिग्रहण से बाहर हो गई। इस घोटाले से राज्य को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे अब तक के सबसे बड़े जमीन घोटालों में से एक बताया है। पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की हैं और जांच जारी है। उम्मीद की जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसे भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।

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