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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

सेना की छवि खराब करने की कोशिश, आर्मी ने की सतर्क रहने की अपील

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सेना की छवि खराब करने की कोशिश, आर्मी ने की सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली भारतीय सेना ने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सेना ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की अपील की है। सेना ने कहा है कि कुछ पूर्व सैनिक और एक भगोड़ा व्यक्ति जानबूझकर भारतीय सेना की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से झूठे, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण दावे फैला रहे हैं।

भारतीय सेना के अनुसार इस वायरल वीडियो में चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी. नरेंद्र नामक व्यक्ति दिखाई दे रहे हैं। ये सेना में थे, लेकिन इनको अनुशासनहीनता तथा असैनिक आचरण के कारण सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।

सेना ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तियों के खिलाफ सैन्य नियमों का उल्लंघन करने और सेवा की गरिमा के विपरीत व्यवहार करने के आरोप सिद्ध हुए थे।

इसके बाद नियमानुसार तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेन्स के वीडियो में शामिल एक चौथा व्यक्ति शंकर सिंह गुज्जर भी दिखाई दे रहा है।

सेना ने इस चौथे व्यक्ति यानी शंकर सिंह गुज्जर भगोड़ा बताया है। जानकारी के मुताबिक वह ड्यूटी छोड़कर फरार हो गया था और उसके खिलाफ सैन्य अदालतों के साथ-साथ सिविल अदालतों में भी अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी है।

भारतीय सेना ने कहा कि ये सभी लोग अपनी बर्खास्तगी और व्यक्तिगत कदाचार से ध्यान हटाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। सेना का आरोप है कि ये लोग जानबूझकर ऐसे वीडियो और संदेश प्रसारित कर रहे हैं जिनका उद्देश्य आम नागरिकों के बीच भ्रम फैलाना और भारतीय सेना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना है। सेना ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले 17 सितंबर 2024 को भी चंदू चव्हाण और हरेंद्र यादव द्वारा फैलाए गए फर्जी और भ्रामक वीडियो तथा संदेशों को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया था।

उस समय भी सेना ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की थी।

भारतीय सेना ने नागरिकों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी अपुष्ट जानकारी, वीडियो या बयान को बिना सत्यापन साझा न करें।

सेना ने चेतावनी दी कि गलत सूचनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक विश्वास दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। सेना ने दोहराया कि भारतीय सेना एक अनुशासित और पेशेवर संस्था है, जो देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करती है। ऐसे में भ्रामक प्रचार के जरिए सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों से सतर्क रहना आवश्यक है।

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