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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

आसाराम जोधपुर के अस्पताल में फिर भर्ती, कड़ी सुरक्षा के बीच सेंट्रल जेल से लाया गया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आसाराम जोधपुर के अस्पताल में फिर भर्ती, कड़ी सुरक्षा के बीच सेंट्रल जेल से लाया गया

जयपुर। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर जोधपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे इलाज के लिए सेंट्रल जेल से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच आरोग्यम अस्पताल लाया गया है और उसे निगरानी में रखा गया है।

अस्पताल के अधिकारियों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आसाराम को मंगलवार रात स्पताल में लाया गया था। उसके स्थानांतरण के दौरान पुलिस का एक बड़ा दस्ता तैनात रहा और उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया।

जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के बाद आसाराम ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में उसने आरोग्यम अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति मांगी थी।

यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अपने मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद आसाराम 28 मई को जोधपुर पहुंचा था।

उसके पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक जोधपुर एयरपोर्ट पर एकत्र हो गए। एयरपोर्ट से वह सीधे पाल गांव स्थित अपने आश्रम गया, जिसके बाद उसकी मेडिकल जांच एम्स जोधपुर में कराई गई। इसके बाद उसने जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।

इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जिसमें जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित शामिल थे) ने आसाराम को निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि आसाराम को अपने शेष जीवन तक जेल में रहना होगा।

अपनी टिप्पणी में अदालत ने कहा कि सजा भले ही जेल की चारदीवारी तक सीमित हो, लेकिन पीड़िता को पहुंचा मानसिक आघात और जीवनभर का दर्द किसी सीमा में नहीं बंध सकता।

इस आदेश के बाद अदालत ने आसाराम की अंतरिम जमानत रद्द कर दी और उसकी तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद आसाराम ने जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

अगस्त 2013 में जोधपुर के आश्रम में एक झोपड़ी के भीतर एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। अप्रैल 2018 में निचली अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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