मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली में धूल प्रदूषण पर सरकार का बड़ा फैसला: अब सभी सी एंड डी साइट्स पर 100 जीएसएम ग्रीन नेट अनिवार्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली में धूल प्रदूषण पर सरकार का बड़ा फैसला: अब सभी सी एंड डी साइट्स पर 100 जीएसएम ग्रीन नेट अनिवार्य

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते धूल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब दिल्ली की सभी निर्माण एवं तोड़फोड़ (सी एंड डी) साइट्स पर कम से कम 100 वैश्विक मोबाइल संचार प्रणाली (जीएसएम) वाली ग्रीन नेट का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के सोमवार को जारी आदेश के अनुसार निर्माण स्थलों, खुले निर्माण क्षेत्रों और जमा किए गए सी एंड डी मटेरियल को अब हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन से ढंकना जरूरी होगा, ताकि उड़ने वाली धूल को प्रभावी तरीके से रोका जा सके। सरकार का मानना है कि इससे पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक प्रदूषक कणों में कमी लाने में मदद मिलेगी।दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए बहु-स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें सख्त नियम, वैज्ञानिक उपाय, तकनीक आधारित निगरानी और ज़मीनी स्तर पर कड़ा प्रवर्तन शामिल है।सिरसा ने कहा कि दिल्ली की प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई पूरी गंभीरता और तेजी से आगे बढ़ रही है। 100 जीएसएम का न्यूनतम मानक तय करके सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि धूल नियंत्रण के उपाय केवल औपचारिकता न रहें, बल्कि वास्तव में प्रभावी साबित हों।सरकार के अनुसार पहले निर्माण स्थलों को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढंकना अनिवार्य था, लेकिन उसकी गुणवत्ता को लेकर कोई स्पष्ट मानक तय नहीं था। अब 100 जीएसएम की न्यूनतम मोटाई निर्धारित होने से धूल नियंत्रण उपाय अधिक मजबूत और प्रभावी बनेंगे।यह फैसला एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सी एंड डीपरियोजनाओं के निरीक्षण एसओपी के अनुरूप लिया गया है।सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार डस्ट पोर्टल 2.0 पर भी तेजी से काम कर रही है। यह पोर्टल राजधानी की सभी निर्माण और तोड़फोड़ साइट्स की केंद्रीकृत निगरानी और नियंत्रण के लिए विकसित किया जा रहा है। सरकार पहले ही सभी सी एंड डी साइट्स के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर चुकी है।दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का यह आदेश दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एनडीएमसी, डीडीए, डीएमआरसी, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित कई प्रमुख एजेंसियों को तत्काल पालन के लिए भेज दिया गया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें