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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:41 · नई दिल्ली संस्करण

जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों के साथ मिलकर काम कर रही सेना: नॉर्दर्न कमांड

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों के साथ मिलकर काम कर रही सेना: नॉर्दर्न कमांड

जम्मू। भारतीय सेना की उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लिए सेना आम लोगों के साथ मिलकर पूरी समन्वय के साथ काम कर रही है।

नॉर्दर्न कमांड ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, ''विकसित और नशामुक्त जम्मू-कश्मीर: नॉर्थेर्न कमांड जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चलाए गए 100 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान के तहत नशे के खतरे को खत्म करने के लिए काम कर रहा है।

'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' ने 100 दिनों के व्यापक अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अवैध नशा तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई की गई।

स्कूलों, गांवों और पंचायतों में 16.37 लाख से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। जमीनी स्तर पर जागरूकता और निगरानी बढ़ाने के लिए 7,000 महिला समितियों का गठन किया गया।

जागरूकता गतिविधियों की निगरानी के लिए 20 वरिष्ठ अधिकारियों को जिला मेंटर नियुक्त किया गया।

एनडीपीएस अधिनियम के तहत 850 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 900 से ज्यादा नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया।

नशा तस्करी से जुड़े गिरोहों और ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 48 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की गईं।

सीमा क्षेत्रों में निगरानी को मजबूत किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन के जरिए गिराई जा रही नशीली सामग्री को पकड़ने के लिए एआई आधारित निगरानी प्रणाली और नाइट विजन उपकरणों का इस्तेमाल किया।

अभियान के तहत केवल गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि नशे के शिकार युवाओं के पुनर्वास और काउंसलिंग पर भी जोर दिया गया, जिससे हजारों युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने में मदद मिली।

क्षेत्र में 49 संवेदनशील "ड्रग हॉटस्पॉट" की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाए गए।

लोगों को नशामुक्ति सेवाओं तक आसान पहुंच देने के लिए नशा मुक्त जम्मू कश्मीर पोर्टल भी शुरू किया गया, जहां नशा मुक्ति पाठ्यक्रम, काउंसलिंग और सहायता सेवाएं उपलब्ध हैं।

100 दिनों के इस अभियान का शुभारंभ 6 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया था। उन्होंने कहा था कि नशे के खिलाफ अभियान के तहत पकड़े गए लोगों के पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और जब्त किए गए वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द करने जैसे अतिरिक्त सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं।

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