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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

थाईलैंड में सेना का युद्धाभ्यास, जंगल वॉर और ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
थाईलैंड में सेना का युद्धाभ्यास, जंगल वॉर और ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग

नई दिल्ली। भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच थाईलैंड में एक बेहद महत्वपूर्ण संयुक्त युद्धाभ्यास ‘मैत्री’ शुरू हो गया है। यहां दोनों देशों के जवान जंगल युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियान का प्रशिक्षण ले रहे हैं। अभ्यास में दोनों सेनाओं के जवान जंगल में आतंकवादियों से मुकाबला करने रहने, प्राथमिक उपचार और घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। अभ्यास के दौरान भारतीय सैनिकों को थाईलैंड की पारंपरिक युद्धकला मुए थाई का भी प्रशिक्षण दिया गया।

इसे आमतौर पर ‘आठ अंगों की कला’ कहा जाता है। ‘मैत्री’ में दोनों देशों के सैनिक जंगल के साथ-साथ अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी तथा उग्रवाद रोधी अभियानों का अभ्यास कर रहे हैं। सैनिक एक-दूसरे के अभियान अनुभव और युद्धक तकनीकों को भी समझ रहे हैं।

यह अभ्यास 31 अगस्त तक चलेगा। इसका आयोजन थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावदी रंगसित शिविर में किया जा रहा है। अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के 85-85 जवान हिस्सा ले रहे हैं।

भारतीय दल का प्रतिनिधित्व 9 गोरखा राइफल्स कर रही है।

थाईलैंड की ओर से 3वीं बटालियन, 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड शामिल है। यहां संयुक्त अभियानों में मानवरहित हवाई वाहनों के इस्तेमाल पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे सैनिकों को आधुनिक तकनीक के साथ अभियान चलाने का अनुभव मिल रहा है।

गौरतलब है कि थाईलैंड की पारंपरिक युद्धकला मुए थाई में मुक्कों, कोहनियों, घुटनों और पिंडलियों का समन्वित इस्तेमाल किया जाता है।

प्रशिक्षण से सैनिकों की शारीरिक क्षमता, फुर्ती और नजदीकी लड़ाई के कौशल को बेहतर बनाने में मदद मिली।

मुए थाई प्रशिक्षण से दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की संस्कृति और सैन्य परंपराओं को समझने का अवसर भी मिला। इससे दोनों दलों के बीच आपसी विश्वास और दोस्ती मजबूत हुई। अभ्यास के अगले चरणों में प्रशिक्षण को और कठिन बनाया जाएगा।

इसका समापन एक प्रमाणीकरण अभ्यास के साथ होगा। इसमें दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियान में हासिल क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। ‘मैत्री’ से भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग, आपसी समझ और अभियान में तालमेल और मजबूत होने की उम्मीद है।

यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी और मजबूत करेगा।

अभ्यास का उद्घाटन समारोह रॉयल थाई सेना के 4वें आर्मी एरिया के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नोराथिप फोयनोक की अध्यक्षता में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और संयुक्त अभियान की क्षमता को बढ़ाना है।

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