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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:27 · नई दिल्ली संस्करण

जयपुर में पहली बार हुई सेना दिवस परेड, हजारों लोगों ने नजदीक से देखे अत्याधुनिक हथियार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जयपुर में पहली बार हुई सेना दिवस परेड, हजारों लोगों ने नजदीक से देखे अत्याधुनिक हथियार

जयपुर। भारतीय सेना की 78वीं सेना दिवस परेड बुधवार को पहली बार आर्मी एरिया से बाहर जयपुर में जगतपुरा के महल रोड पर आयोजित की गई। परेड को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर हजारों लोग उमड़े। परेड के दौरान सेना की आधुनिक सैन्य शक्ति और परंपरागत शौर्य का प्रदर्शन किया गया। आम लोगों ने ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर और अन्य अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों को नजदीक से देखा। आकाश में अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों ने फ्लाई-पास्ट कर युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन किया और हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की गई।परेड की शुरुआत ऑपरेशन 'सिंदूर' में शहीद जवानों को मरणोपरांत सेना मेडल (वीरता) प्रदान करने के साथ हुई। इसी दौरान 1 पैरा स्पेशल फोर्स के शहीद लांस नायक प्रदीप कुमार की मां मंच पर सम्मान ग्रहण करते समय अचानक बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद सैन्य अधिकारियों ने उन्हें संभाला और तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। इसके बाद गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। परमवीर चक्र, अशोक चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारी परेड का नेतृत्व कर रहे थे। परेड महल रोड स्थित जीवन रेखा हॉस्पिटल चौराहे से बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में आयोजित की गई। दर्शकों की सुविधा के लिए 18 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की गई थी।परेड में भारतीय सेना के 46 मीटर लंबे मॉड्यूलर ब्रिज का भी प्रदर्शन किया गया, जो नदियों और खाइयों को तेजी से पार करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा नेपाल आर्मी बैंड ने भी परेड में सहभागिता की, जिसने भारत-नेपाल की सैन्य मित्रता का संदेश दिया। 61वीं कैवेलरी के घुड़सवार दल ने भी परेड में हिस्सा लिया। यह विश्व की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार कैवेलरी रेजिमेंट है, जिसकी स्थापना 1953 में हुई थी और जिसे इतिहास में अंतिम घुड़सवार चार्ज का नेतृत्व करने का गौरव प्राप्त है। परेड में राजस्थानी संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।सेना दिवस परेड के मुख्य अतिथि मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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