पड़रिया पुल क्षतिग्रस्त मामले में अब तक चार अभियंता निलंबित
अररिया,। सिकटी के पड़रिया में 18 जून को बकरा नदी पर बने पुल
क्षतिग्रस्त मामले में सरकार ने अब तक चार अभियंताओं को निलंबित किया
है।पुल क्षतिग्रस्त मामले में राज्य सरकार ने फिर से बड़ी कार्रवाई करते
हुए ग्रामों कार्य विभाग प्रमंडल अररिया के वर्तमान कार्यपालक अभियंता
आशुतोष रंजन और वर्तमान कनीय अभियंता मनीष कुमार को निलंबित कर दिया है।
इससे
पहले तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अनजानी कुमार और तत्कालीन कनीय अभियंता
वीरेंद्र राम का निलंबन हुआ था।निलंबन के बाद ग्रामीण कार्य विभाग कार्य
प्रमंडल अररिया के कार्यपालक अभियंता के पद पर धनिक लाल मंडल ने पदभार
ग्रहण कर लिया है।हालांकि मामले में अब तक संवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
नहीं किया गया है।
उल्लेखनीय हो कि पड़रिया पुल क्षतिग्रस्त होने के
बाद राज्य सरकार की ओर से एक जांच टीम का गठन किया गया था।जिसमे ग्रामीण
कार्य विभाग पूर्णिया के मुख्य अभियंता इंजीनियर निर्मल कुमार की अध्यक्षता
में गठित चार सदस्यीय जांच दल ने क्षतिग्रस्त पुल की जांच की थी।
क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य में कर्तव्यहीनता बरतने के फलस्वरूप
ग्रामीण कार्य विभाग के ई० अंजनी कुमार, तदेन कार्यपालक अभियंता, ई० आशुतोष
कुमार रंजन, वर्तमान कार्यपालक अभियंता,वीरेन्द्र प्रसाद, तदेन कनीय
अभियंता, श्री मनीष कुमार, वर्तमान कनीय अभियंता को तत्काल प्रभाव से अगले
आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया।वहीं संवेदक को काली सूची में दर्ज
करने की कार्रवाई की जा रही है।
मामले को लेकर राज्य सरकार की ओर से
भी प्रेस रिलीज जारी की गई, जिसमें संवेदक को किये गये भुगतान की वसूली
एसबीडी के प्रावधानों के आलोक में की जाने की बात कही गई और संवेदक के सभी
कार्यों के लंबित भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की जानकारी दी गई।
संबंधित डीपीआर परामर्शी के विरूद्ध भी कार्रवाई की जानकारी दी गई।
पूर्व
में किये गये कार्य का भुगतान एवं आगे नया कार्य किये जाने पर तत्काल
प्रभाव से रोक लगा दी गई है। गठित जांच दल से अंतिम जांच प्रतिवेदन एवं
जांचफल प्राप्त होने के उपरांत दोषी संवेदक के विरूद्ध बिहार ठेकेदार
नियमावली के तहत कार्रवाई की बात कही गई। साथ ही दोषी पदाधिकारियों पर भी
कठोरतम कार्रवाई करने का दावा किया गया।





