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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:25 · नई दिल्ली संस्करण

उमरिया : कोयला खदान में मिलावट का आरोप: करोड़ों के घोटाले की शिकायत केंद्र तक पहुंची, जांच की मांग तेज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उमरिया : कोयला खदान में मिलावट का आरोप: करोड़ों के घोटाले की शिकायत केंद्र तक पहुंची, जांच की मांग तेज

उमरिया । मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जोहिला क्षेत्र की नौरोजाबाद कोल माइंस एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। इस बार मामला कोयले में मिट्टी (मुरूम) मिलाकर वजन बढ़ाने और कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे ने इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री को भेजते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खदान में जेसीबी मशीनों के जरिए खुलेआम कोयले में मिट्टी मिलाई जा रही है और इस मिलावटी कोयले को बिना गुणवत्ता परीक्षण के रेलवे रैक के माध्यम से विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।सप्लाई चेन और राजस्व पर असर की आशंकायदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान हो सकता है बल्कि देशभर में कोयले की सप्लाई चेन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मिलावटी कोयला उद्योगों तक पहुंच रहा है, जिससे मशीनों को नुकसान, उत्पादन में गिरावट और आर्थिक हानि जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।अधिकारियों की भूमिका पर सवालदिलीप पांडे ने अपने पत्र में आशंका जताई है कि यह कार्य किसी एक व्यक्ति का नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। विशेष रूप से साइड इंचार्ज और सेल्स मैनेजर की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं बिलासपुर जोन के अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की मांग की गई है।वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंतासोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो भी इस मामले को और गंभीर बना रहे हैं, जिनमें कथित रूप से कोयले में मिट्टी मिलाने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है। हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, अब तक ठोस कार्रवाई न होने से प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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