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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तरी सीमा पर वायुसेना प्रमुख ने की परिचालन समीक्षा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
उत्तरी सीमा पर वायुसेना प्रमुख ने की परिचालन समीक्षा

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उत्तरी क्षेत्र के अग्रिम इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने यहां तैनात सैन्य इकाइयों की परिचालन तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण वातावरण में तैनात वायु योद्धाओं से मुलाकात कर उनकी कार्यकुशलता, पेशेवर दक्षता और समर्पण की सराहना की।

गौरतलब है कि उत्तरी क्षेत्र के अग्रिम इलाके में जम्मू कश्मीर और लद्दाख के अत्यंत रणनीतिक और कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र आते हैं। यहां नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। यह चीन से लगता बॉर्डर एरिया है।

ये क्षेत्र दुनिया के सबसे दुर्गम, चुनौतीपूर्ण और कठिन सैन्य परिचालन क्षेत्रों में गिने जाते हैं, जहां जवानों को प्रतिकूल मौसम, ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच लगातार सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।

इस क्षेत्र के दौरे में वायुसेना प्रमुख ने अग्रिम क्षेत्रों में संचालित वायुसेना इकाइयों की युद्धक क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और समग्र परिचालन तैयारियों का आकलन किया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, तैनाती और मौजूदा परिचालन व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जवानों और अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए कठिन भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों में उनके योगदान की सराहना की।

उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा में तैनात योद्धाओं की प्रतिबद्धता और सतत सतर्कता देश की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया है। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए उनकी तत्परता पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।

वायुसेना प्रमुख ने कारगिल एयरफील्ड तथा नियंत्रण रेखा (एलओसी) और पश्चिमी लद्दाख के अग्रिम परिचालन ठिकानों का भी दौरा किया है। उन्होंने वहां उपलब्ध परिचालन संसाधनों, बुनियादी ढांचे और मिशन तैयारियों की समीक्षा करते हुए उच्च स्तर की तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा उत्तरी क्षेत्र में तैनात इकाइयों की परिचालन क्षमता का आकलन करने और अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से काफी महत्वपूर्ण है।

वायुसेना प्रमुख ने जवानों की पेशेवर उत्कृष्टता और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन वीर सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।

इस अवसर पर उन्होंने कारगिल विजय के नायकों के साहस, पराक्रम और त्याग को याद किया। कारगिल युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक माना जाता है।

दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में लड़ी गई इस लड़ाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के कब्जे से रणनीतिक चोटियों को पुन: प्राप्त किया था। वायुसेना प्रमुख की कारगिल युद्ध स्मारक यात्रा को उन वीरों के बलिदान के प्रति सम्मान और सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

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