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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:27 · नई दिल्ली संस्करण

फ्रांस के राष्ट्रपति ने की भारत के तकनीकी समावेशन की प्रशंसा और कहा एआई के युग में एकजुटता जरूरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
फ्रांस के राष्ट्रपति ने की भारत के तकनीकी समावेशन की प्रशंसा और कहा एआई के युग में एकजुटता जरूरी

नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विश्व में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से हो रहे विकास एवं नवान्वेषण को जिम्मेदारी पूर्ण और मानव केन्द्रित रखने पर जोर दिया तथा कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में होने वाली रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में देशों की स्वतंत्रता और रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना होगा।फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने गुरुवार को एआई शिखर सम्मेलन के उद‍्घाटन समारोह में भारत के डिजिटल परावर्तन की प्रशंसा की तथा यूरोप एवं फ्रांस की भारत के साथ मिलकर एआई को वैश्विक भलाई के लिए उपयोग में लाने के विजन को सामने रखा। उन्होंने एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी और कहा कि इस दिशा में विश्व के देशों को मिल कर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवान्वेषण को जिम्मेदारी तथा तकनीक को मानवता से जोड़ने की जरूरत है। भारत और फ्रांस इसमें मिलकर काम करेंगे। अपने भाषण का अंत उन्होंने ‘जय हो’ के वाक्य से किया।भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई दुनिया को बदल रहा है। ऐसे में हमें एकजुट होने की जरूरत है और ऐसा नहीं करने से हम पीछे रह जायेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय कहा जाता था कि प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे तो आप हार जाएंगे लेकिन आज अगर आप जुड़ेंगे नहीं तो पीछे रह जाएंगे।मैक्रों ने कहा कि दुनिया के किसी देश और कंपनी को किसी देश को एक मार्केट और डेटा के तौर पर देखने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एआई उत्पादकता बढ़ाने और मजदूर बाजार के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसे में एआई सबको उपलब्ध हो यह बेहद जरूरी है। एआई को भाषाई तौर पर विविध होना चाहिए ताकि सब इसका उपयोग कर सकें। भारत इंपैक्ट सम्मिट का यही उद्देश्य है कि हम इस दिशा में प्रयास करें।इमैनुएल मैक्रों ने अपने भाषण की शुरुआत में भारत के तकनीकी समावेशन के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह बदलवा एक सभ्यता की कहानी बताते हैं। भारत ने वे किया जो दुनिया के अन्य देश नहीं कर पाये। भारत ने अपनी ‘डिजिटल आइडेंटिटी’ बनाई और डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई और पेमेंट सिस्टम बनाया जिससे लाखों लेन-देने हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई क्षेत्र रणनीतिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। फ्रांस और भारत यूरोप के साथ एआई की स्वतंत्रता पर जोर देते हैं और मानते हैं कि मॉडल, बुनियादी ढांचा और संतुलन बेहद जरूरी है।मैक्रों ने कहा, "... ऐसे समय में जब तनाव बढ़ रहा है, हमारे सभी डिजिटल उपकरणों को इस समावेशी दृष्टिकोण की ओर निर्देशित करने की तात्कालिकता बढ़ गई है और वास्तव में, भारत में मजबूत होने के लिए, लेकिन अफ्रीकी महाद्वीप पर भी मजबूत होने के लिए। और आइए पूरी तरह से विभाजित करने के बजाय ब्रिजिंग की ओर ध्यान केंद्रित करें, नष्ट करने के बजाय बनाना, लेने के बजाय साझा करना। फ्रांस उस दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अपनी जी-7 अध्यक्षता का उपयोग करने का इरादा रखता है। मैं जानता हूं कि भारत ब्रिक्स अध्यक्षता के माध्यम से भी ऐसा ही करेगा। कोई भी देश केवल एक बाजार के रूप में सेवा करने के लिए बाध्य नहीं है जहां विदेशी कंपनियां मॉडल बेचती हैं और नागरिकों के डेटा को डाउनलोड करती हैं। "उन्होंने तकनीक के युग में बच्चों के मन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी जी-7 प्राथमिकताओं में से एक एआई और डिजिटल दुरुपयोग के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा भी होगी। ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमारे बच्चों को वास्तविक दुनिया में कानूनी रूप से वर्जित चीजों के लिए ऑनलाइन उजागर किया जाना चाहिए। हमारे प्लेटफार्मों, सरकारों और नियामकों को इंटरनेट और सोशल मीडिया को एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यही कारण है कि, फ्रांस में, हम 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं, और हम इस यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें यूनान, स्पेन सहित कई यूरोपीय देश आज यहां मौजूद हैं।उन्होंने इस पहल में भारत के भी शामिल होने की आशा व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे पता है, प्रधानमंत्री मोदी भी इस पहल में शामिल होंगे। यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस तरह के दृष्टिकोण में शामिल होगा। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं कि हमारे युवा नागरिक वास्तव में सुरक्षित हैं और हमें सभी के लिए इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए सभी इच्छुक भागीदारों के साथ जुड़ना चाहिए।"

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