संसद के मानसून सत्र से पहले इंडिया गठबंधन की रणनीति तैयार, आठ प्रमुख मुद्दों पर होगा सरकार से सवाल-जवाब

संसद के मानसून सत्र से पहले इंडिया गठबंधन की रणनीति तैयार, आठ प्रमुख मुद्दों पर होगा सरकार से सवाल-जवाब
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2025 — आगामी संसद के मानसून सत्र (21 जुलाई से 21 अगस्त तक) से पहले इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) ने 19 जुलाई को एक वर्चुअल बैठक आयोजित की, जिसमें विपक्षी दलों की रणनीति तय की गई। इस बैठक में कांग्रेस, शिवसेना (UBT), आप, वामपंथी दल, राजद, सपा, डीएमके सहित 24 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और आठ अहम राष्ट्रीय मुद्दों को साझा रूप से संसद में उठाने का निर्णय लिया।
बैठक में सबसे पहले पहलगाम आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार की खुफिया तंत्र की विफलता और प्रतिक्रिया में हुई देरी पर सवाल उठाया गया। विपक्षी दलों ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में व्यक्तिगत तौर पर जवाब देने की मांग की।
दूसरा मुद्दा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उठा, जिसमें आतंकियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रणनीति, सैन्य तैयारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर सवाल खड़े किए गए हैं।
तीसरे और चौथे मुद्दे भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम और विदेश नीति में बदलाव को लेकर रहे। विपक्ष ने हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर चिंता जताई जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति का श्रेय खुद को दिया था। साथ ही, भारत की चीन, अमेरिका और इजरायल-गाजा संघर्ष को लेकर उठाए गए कूटनीतिक कदमों की समीक्षा की मांग भी की गई।
पांचवां मुद्दा बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर था, जिसे विपक्ष ने "घोषित आपातकाल" करार दिया। उनका दावा है कि इससे दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है।
छठे मुद्दे में दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार का उल्लेख किया गया। विपक्ष इन घटनाओं को लेकर संसद में सरकार से जवाबदेही तय करना चाहता है और नए सुरक्षा कानूनों की मांग करेगा।
सातवां मुद्दा अहमदाबाद विमान दुर्घटना को लेकर था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की खामियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर विस्तृत जांच की मांग की गई है।
आठवां और अंतिम मुद्दा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर रहा। विपक्ष का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का प्रयोग विपक्षी नेताओं को डराने, फंसाने और असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है।
आगे की रणनीति और विरोध प्रदर्शन की तैयारी
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, उद्धव ठाकरे सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री से इन मुद्दों पर सीधी प्रतिक्रिया की मांग की है। यदि संसद में जवाब नहीं मिला तो इंडिया गठबंधन के नेता संसद के बाहर जंतर-मंतर जैसे स्थलों पर भी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।





