टनकुप्पा को मिली बहुप्रतीक्षित सौगात: हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के ठहराव को मिली स्वीकृति, जीतन राम मांझी के प्रयासों को मिली सफलता
टनकुप्पा को मिली बहुप्रतीक्षित सौगात: हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के ठहराव को मिली स्वीकृति, जीतन राम मांझी के प्रयासों को मिली सफलता
गया, 6 जुलाई 2025 — गया जिले के टनकुप्पा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात सामने आई है। वर्षों से लंबित मांग — हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13009/13010) के टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर ठहराव — को अंततः मंजूरी मिल गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय की पुष्टि केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने एक पत्र के माध्यम से की है, जिसमें उन्होंने बताया कि जनसुविधा के दृष्टिकोण से यह ठहराव स्वीकृत किया गया है।
इस उपलब्धि के पीछे केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी की सक्रिय पहल और सतत प्रयास हैं। उन्होंने इंजीनियर नन्दलाल मांझी, अध्यक्ष – गया धनवाद ग्रैंड कॉर्ड रेल संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन के आधार पर रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को उठाया था। ज्ञापन में टनकुप्पा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, आरक्षित टिकट प्रणाली की सुविधा, पूर्वी गेट के पास रेलवे अंडरपास निर्माण, और स्पेशल ट्रेनों के ठहराव जैसी मांगे शामिल थीं।
जीतन राम मांझी ने टनकुप्पा क्षेत्र की जनता की भावनाओं को गंभीरता से लिया और उसे सरकारी नीति के स्तर पर मजबूती से प्रस्तुत किया। उनकी इस पहल को रेल मंत्रालय द्वारा सम्मानपूर्वक स्वीकारते हुए ठहराव की मांग को स्वीकृति दी गई। इससे क्षेत्र के यात्रियों को अब लंबी दूरी की यात्रा के लिए गया अथवा अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यह फैसला न केवल टनकुप्पा बल्कि आस-पास के गांवों के हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इससे रोजगार, शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। यह उपलब्धि जीतन राम मांझी के जमीनी नेतृत्व और जनसमर्पित राजनीति का प्रमाण है, जिन्होंने जनता की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी और उन्हें केंद्र तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
टनकुप्पा वासियों की वर्षों पुरानी मांग को हकीकत में बदलने के लिए क्षेत्र की जनता ने जीतन राम मांझी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। यह कदम निश्चित रूप से क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।





