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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

जनसुनवाई शिकायत पर एक्शन, फोर्टिस अस्पताल की जांच के आदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जनसुनवाई शिकायत पर एक्शन, फोर्टिस अस्पताल की जांच के आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल का तुरंत निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

इसके बाद अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल का निरीक्षण किया और कुछ अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते सरकार ने पूरी जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा, ''जांच के दौरान यदि कोई अनियमितता साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली का हर अस्पताल मरीजों को जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ सेवा देने के लिए बाध्य है और मरीजों के समय पर और सम्मानजनक इलाज के अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।''

यह निरीक्षण 'सीएम जन सुनवाई' कार्यक्रम में मिली शिकायत के बाद किया गया है।

यह एक जन शिकायत निवारण पहल है, जिसे दिल्ली सरकार ने फरवरी 2026 में शुरू किया था, ताकि नागरिक सरकारी सेवाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उठा सकें।

इस पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए लोग एक ही प्लेटफॉर्म पर नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली पुलिस समेत विभिन्न विभागों में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री पहले भी कह चुकी हैं कि ऐसी जन सुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों के निपटारे के निर्देश दिए हैं और वे अपने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से आने वाली शिकायतों को खुद भी सुनती रही हैं।

फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग, पहले से ही 2017 के एक हाई-प्रोफाइल मामले में मेडिकल लापरवाही के आरोपों को लेकर कानूनी विवाद के केंद्र में रहा है।

हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों की योग्यता की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला उस बच्चे से जुड़ा है जिसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में इलाज के दौरान गंभीर और स्थायी ब्रेन डैमेज हुआ था।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल पहले ही इन दोनों डॉक्टरों को 'नियोनेटोलॉजिस्ट' या सुपर-स्पेशलिस्ट के रूप में खुद को प्रस्तुत करने से रोक चुकी है, जब तक उनकी योग्यता की जांच पूरी नहीं हो जाती।

सरकार ने कहा है कि निरीक्षण टीम की रिपोर्ट की पूरी जांच की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री लगातार मरीजों के अधिकार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पक्षधर रही हैं और पहले भी कह चुकी हैं कि सरकार जनता की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

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