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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

प्राध्यापक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े में कार्रवाई, फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाला आरोपी दबोचा गया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
प्राध्यापक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े में कार्रवाई, फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाला आरोपी दबोचा गया

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के प्रयास के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन से सांठगांठ कर अभ्यर्थी के नाम फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करवाने में सहयोग करने का आरोप है। एसओजी की अजमेर यूनिट ने वांछित आरोपित दीनदयाल मोलपुरिया (46) निवासी को निवासी सरदारशहर जिला चूरू गिरफ्तार किया है। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी में पात्रता जांच के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी विश्नोई ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए हिन्दी की डिग्री और असत्य शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। आरपीएससी अजमेर ने जब डिग्री के संबंध में यूनिवर्सिटी से सत्यापन कराया तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसी डिग्री जारी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस संबंध में सिविल लाइंस थाना अजमेर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जहां जांच के दौरान सामने आया कि दीनदयाल मोलपुरिया ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर चंद्रुल से संपर्क किया था। आरोप है कि उसकी सांठगांठ से ब्रह्मा कुमारी के नाम एमए हिन्दी की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करवाई गई। इसके बाद फर्जी दस्तावेज बाबू लाल पटेल के माध्यम से अभ्यर्थी तक पहुंचाए गए। मामले में वांछित चल रहे दीनदयाल को एसओजी की अजमेर यूनिट ने दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। पुलिस उससे फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।

जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई की टीम फर्जी डिग्री प्रकरण से जुड़े आरोपितों की भूमिका खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार फर्जी डिग्री हासिल करने वाली अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी सहित इस प्रकरण में अब तक कुल 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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