पहाड़गंज में भतीजे की हत्या की साजिश रचने वाला फरार आरोपी लाल कुनाल गिरफ्तार, चाकू से गला काटकर की थी वारदात, अलीगढ़ से पकड़ा गया

पहाड़गंज में भतीजे की हत्या की साजिश रचने वाला फरार आरोपी लाल कुनाल गिरफ्तार, चाकू से गला काटकर की थी वारदात, अलीगढ़ से पकड़ा गया
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025 — दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने एक सनसनीखेज हत्या के प्रयास के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधी लाल कुनाल को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पहारगंज थाने में दर्ज केस FIR No. 300/25 के तहत की गई है, जिसमें आरोपी पर अपने ही भतीजे सूरज की गला काटकर हत्या करने की कोशिश का आरोप है।
रिश्तों में जहर: जब चाचा बना कातिल
यह मामला पारिवारिक रंजिश से उपजा एक ऐसा अपराध है, जिसमें रिश्ते का चाचा, अपने ही भतीजे को जान से मारने की योजना बनाता है। पीड़ित सूरज ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में जब वह अपना घर बनवा रहा था, तो उसका अपने चाचा लाल कुनाल से जमीन व निर्माण को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी दौरान कुनाल ने उसे पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया था। इस घटना को लेकर कुनाल के मन में बदले की आग सुलगती रही।
हत्या की साजिश: पैसे देकर कराया हमला
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि 36 वर्षीय लाल कुनाल, जो पहाड़गंज स्थित गली हलवाई में अपने पिता के साथ ‘गौरी शंकर लाल कुनाल भटूरे वाला’ नाम की दुकान चलाता है, ने पैसे का लालच देकर अपने कर्मचारी अरुण कुमार (45 वर्ष, निवासी मैनपुरी, यूपी) को सूरज की हत्या के लिए उकसाया। योजना के अनुसार, 29 मई 2025 को सूरज जब गली में खड़ा था, तभी अरुण कुमार ने चाकू से उसके गले पर जानलेवा हमला कर दिया और दोनों आरोपी वारदात के बाद स्कूटी पर फरार हो गए।
घटना के बाद सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने अरुण को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। बाद में स्थानीय पुलिस ने अरुण को गिरफ्तार कर लिया, जबकि साजिशकर्ता लाल कुनाल घटना के बाद से फरार चल रहा था।
अलीगढ़ से मिला सुराग, पुलिस ने रचा जाल
30 जून 2025 को हेड कांस्टेबल पवन कुमार को एक गुप्त सूचना मिली कि फरार आरोपी लाल कुनाल अलीगढ़ के एक अस्पताल के पास किसी से मिलने आने वाला है। इसके बाद SI अनुज छिकारा, SI कुलदीप सिंह, SI रविंदर, HC परमोद, HC पवन, HC रविंदर सिंह और कांस्टेबल मनोज की एक टीम बनाई गई। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी इंस्पेक्टर पवन सिंह और ACP WR-II राजपाल डबास द्वारा की गई।
तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन को ट्रेस किया गया और अलीगढ़ में पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह सूरज से हुई पुरानी लड़ाई का बदला लेना चाहता था और इसलिए अपने वफादार कर्मचारी अरुण को पैसे देकर उसे मारने भेजा।
अदालत से जमानत खारिज, अंततः गिरफ्त में आया आरोपी
इस केस में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने पहले ही खारिज कर दी थी। पुलिस को लगातार उसकी तलाश थी, लेकिन वह जगह बदल-बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन आखिरकार 1 जुलाई 2025 को उसे BNSS की धारा 35.1(C) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
किस तरह लोग निजी दुश्मनी में कातिल बन जाते हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने न केवल एक फरार अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की, बल्कि एक भविष्य की संभावित हत्या को भी रोक दिया। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और अपराधियों के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।





