नीट परीक्षा को लेकर जंतर मंतर पर आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन
नई दिल्ली। नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के पेपर लीक का मामला गर्माता जा रहा है। देशभर के छात्र इस लीक के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। इसी क्रम में दिल्ली के जंतर मंतर पर आम आदमी पार्टी के सभी विधायक नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेता ने मंच से नीट गड़बड़ियों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। गोपाल राय, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज समेत पार्टी के सभी नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि छात्रों से नीट के पेपर के लिए 30 से 50 लाख रुपये लिए गए थे। गुजरात के गोधरा के सेंटर में तो छात्रों से ओएमआर शीट ख़ाली छोड़ने को कहा गया था और बाद में अध्यापकों ने ओएमआर शीट भरी। केंद्र सरकार को इस पूरे मामले की जानकारी है और वह इस घोटाले को छिपाने की कोशिश कर रही है।सौरभ ने केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराए। यह बहुत बड़ा घोटाला है और करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 सालों में पेपर लीक की वजह से करीब तीन करोड़ छात्र परेशान हुए हैं। उप्र में पुलिस भर्ती में 60 लाख और नीट घोटाले में 24 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। नीट का पेपर रद्द होना चाहिए और जिन्होंने घोटाला किया है उन्हें सख़्त से सख़्त सजा होनी चाहिए।संजय सिंह ने कहा कि देश और नौजवानों के भविष्य को बचाने की यह लड़ाई आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी। आज हम जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए हैं और कल पूरे देश में आम आदमी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। अभी हम सड़क पर लड़ रहे हैं। आज छात्र और उनके माता-पिता सड़कों पर हैं। वे मांग कर रहे हैं कि नीट के पेपर को दोबारा कराया जाए, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। वह लीपापोती में लगी हुई है।पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि केंद्र की सरकार लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नीट की परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, लेकिन उसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए।आम आदमी पार्टी की प्रवक्त रीना गुप्ता का कहना है कि आज आम आदमी पार्टी के सभी विधायक और कार्यकर्ता दिल्ली के अलग-अलग जगह से जंतर मंतर पर छात्रों के समर्थन में आए हुए हैं। हमारी मांग है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि कैसे एक ही परीक्षा केंद्र पर 6 बच्चों के नंबर एक समान आए हैं। 67 बच्चों के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर एक समान नंबर आए तो यह तो गड़बड़ी ही दिखता है।





