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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

मुंबई में तरबूज खाने से हुई मौतों के मामले में नया मोड़, खाने में नहीं मिला जहर

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मुंबई में तरबूज खाने से हुई मौतों के मामले में नया मोड़, खाने में नहीं मिला जहर

मुंबई। मुंबई के पायधुनी इलाके में रहने वाले एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में मुंबई पुलिस टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उसी से साफ होगा कि आखिर मौत की असली वजह क्या थी।

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की शुरुआती जांच में खाने-पीने की चीजों में कोई भी जहरीला या हानिकारक पदार्थ नहीं मिला है। अधिकारियों ने परिवार के घर से कुल 11 सैंपल लिए थे, जिनमें बिरयानी, तरबूज, फ्रिज का पानी, कच्चा और पका हुआ चावल, चिकन, खजूर और मसाले जैसी चीजें शामिल थीं।

इन सभी की जांच में मिलावट के कोई सबूत नहीं मिले, जिससे मामला और उलझ गया है।

वहीं दूसरी तरफ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कुछ अलग इशारा कर रही है। रिपोर्ट में मृतकों के शरीर में मॉर्फीन की मौजूदगी पाई गई है, जो एक तरह की दर्द निवारक दवा है। इसके अलावा शरीर के कुछ टिश्यू में असामान्य हरे रंग का बदलाव भी देखा गया है। आमतौर पर ऐसा बदलाव किसी जहरीले पदार्थ की वजह से हो सकता है।

लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि यह जहर क्या था और शरीर में कैसे पहुंचा।

यह मामला 26 अप्रैल को सामने आया था, जब 40 साल के अब्दुल्ला दोकाडिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि तरबूज खाने के बाद उनकी, उनकी पत्नी नसरीन (35) और दोनों बेटियों आयशा (16) और जैनब (13) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते हालत इतनी खराब हो गई कि चारों की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

जांच अधिकारियों का कहना है कि वे हर एंगल से मामले को देख रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। कलीना फॉरेंसिक लैब, एफडीए और जेजे अस्पताल की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि इस केस में किसी प्रकार के जहर का सेवन हुआ था या नहीं और अगर हुआ था, तो उसका समय क्या था।

पुलिस के मुताबिक इस केस में अब तक कोई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने नहीं आया है।

परिजनों के बयानों में परिवार को खुशहाल बताया गया है और किसी तरह के विवाद या चिंता की जानकारी नहीं मिली है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

इस बीच, कलीना फॉरेंसिक लैब के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि विसरा सैंपल की प्रारंभिक जांच में कुछ अज्ञात बाहरी कण पाए गए हैं। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती रिपोर्ट में सैंपल में बाहरी पदार्थों की मौजूदगी का संकेत मिला है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये विषैले हैं या नहीं, औषधीय हैं या किसी अन्य प्रकार के हैं। विस्तृत जांच जारी है।

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