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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:17 · नई दिल्ली संस्करण

मप्र के छिंदवाड़ा में किड़नी फेल होने से 3 बच्चों की मौत के बाद घर-घर किया जा रहा सर्वे

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मप्र के छिंदवाड़ा में किड़नी फेल होने से 3 बच्चों की मौत के बाद घर-घर किया जा रहा सर्वे

भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया विकासखंड में बीते 15 दिन में किडनी फेल होने से तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि नौ बच्चों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टीम को जांच के लिए बुलाया है। वहीं, जिला प्रशासन छिंदवाड़ा द्वारा बच्चों में किडनी फेलियर की शिकायतों पर पूरी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर जाकर बुखार का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे दो दिन से अधिक बुखार की स्थिति में बच्चों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और इस तरह ही घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने बुधवार को परासिया क्षेत्र का दौरा किया और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी समीक्षा की जा रही है।कलेक्टर ने बताया कि परासिया क्षेत्र में केवल तीन ऐसे प्रकरण सामने आए थे, जिनमें एक परासिया लोकल, एक बाघबर्दिया गांव और एक सेठिया गांव का मामला था। दिल्ली और भोपाल की टीमों ने आकर भी क्षेत्र का भ्रमण कर सैंपल लिए हैं। जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भी प्रभावित बच्चों के सैंपल लेकर वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन की पुष्टि हो सकेगी।उन्होंने बताया कि किडनी फेलियर के कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि परासिया क्षेत्र में किसी तरह के वायरल इन्फेक्शन या महामारी के फैलने की अपुष्ट खबरों से घबराएं नहीं।पीड़ित बच्चों के परिजन ने बताया कि बच्चों को शुरुआत में हल्का बुखार और जुकाम की शिकायत हुई। निजी अस्पतालों में सामान्य इलाज के दौरान अचानक पेशाब की मात्रा कम होने और किडनी इन्फेक्शन की समस्या सामने आई। हालत बिगड़ने पर बच्चों को नागपुर रेफर किया गया, जहां 5 साल 8 महीने के अदनान खान, 4 साल के हितांश सोनी और 2 साल की श्रेया यादव की मौत हो गई। अदनान ने 11 सितंबर, हितांश सोनी ने 14 सितंबर को नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। वहीं, श्रेया की मौत 16 सितंबर को हुई। इसके बाद भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम भी परासिया पहुंची और तीन दिन तक इलाके में रहकर जांच की।परासिया के चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी ने कहा कि बारिश का मौसम जाने वाला है जबकि सर्दी की शुरुआत हो रही है। ये समय संक्रमण के लिए संवेदनशील होता है। इस दौरान बच्चों में वायरल बुखार और जुकाम आम है, लेकिन अचानक किडनी इन्फेक्शन होना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण का पता चलेगा। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने कहा कि 5 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है और सर्वे टीम घर-घर जाकर सैंपल ले रही है।

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