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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

बांध का 150 मीटर हिस्सा नदी में समाया, रेल लाइन पर बढ़ा खतरा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बांध का 150 मीटर हिस्सा नदी में समाया, रेल लाइन पर बढ़ा खतरा

भागलपुर। जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर क्षेत्र में पिछले दस दिनों से गंगा नदी का भीषण कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी की प्रचंड और खूंखार लहरों ने राघोपुर-खैरपुर के समीप बने लगभग 220 मीटर लंबे ऐतिहासिक जमींदारी बांध के करीब 150 मीटर हिस्से को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया है।

बांध के इस बड़े हिस्से के नदी में विलीन होने से अब कटाव का सीधा खतरा ऐतिहासिक थाना बिहपुर-महादेवपुर रेललाइन और विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ पर मंडराने लगा है।

स्थिति बेहद विकराल और अनियंत्रित हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार, गंगा नदी की मुख्य धारा अब सीधे किनारे की ओर शिफ्ट हो गई है। इसके कारण धारा की गति इतनी तीव्र और विनाशकारी हो चुकी है कि जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे तमाम सुरक्षात्मक उपाय बौने साबित हो रहे हैं।

फ्लड फाइटिंग के लिए डाले जा रहे जियो बैग और अन्य सामग्रियां नदी की तेज धारा में ताश के पत्तों की तरह बह जा रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारी, दर्जनों अभियंता और लगभग डेढ़ दर्जन संवेदक मजदूरों के साथ दिन-रात युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग कार्य में जुटे हैं।

अधिकारी मौके पर ही कैंप कर रहे हैं ताकि कटाव की रफ्तार को किसी भी तरह रोका जा सके, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण राहत कार्य में भारी बाधा आ रही है। बांध टूटने और कटाव के रेललाइन और विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ के करीब पहुंचने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। यदि इस कटाव को तुरंत नहीं रोका गया, तो नवगछिया और बिहपुर क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह कट सकता है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने रेलवे और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी अलर्ट कर दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

प्रभावित गांवों के लोग अब सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने की सोच रहे हैं। उधर जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर बांध का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति एवं तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बांध की वर्तमान स्थिति, संवेदनशील स्थलों तथा बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे निरोधात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।

डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को बांध की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहे तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित रखी जाएं।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने तटबंध की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की तैनाती के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने आम लोगों से भी प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने एवं किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की।

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