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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:16 · नई दिल्ली संस्करण

बीजापुर : बस स्टैंड के पीछे की अवैध बस्ती में 55 मकान चिन्हित, 30 मकानाें काे किया ध्वस्त, कार्यवाही जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बीजापुर : बस स्टैंड के पीछे की अवैध बस्ती में 55 मकान चिन्हित, 30 मकानाें काे किया ध्वस्त, कार्यवाही जारी

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला मुख्यालय के नये बस स्टैंड के पीछे स्थित अवैध बस्ती में कुल 55 मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। जेसीबी से मकानाें के ध्वस्त करने की कार्यवाही में अब तक 30 अवैध मकान ढहाए जा चुके हैं, वहीं कार्रवाई लगातार जारी है। इस दौरान एक डीआरजी जवान का घर भी तोड़ा गया, जबकि वह नाइट ड्यूटी पर था। घर में मौजूद उसकी पत्नी ने बताया कि वे यहां 2006 से रह रहे हैं, और गांव में उनके पास कोई घर नहीं है।

कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं की रोती हुई तस्वीरें भी सामने आई हैं। महिलाएं रोते-रोते कह रही हैं हम कहां जाएंगे। पुलिस घरों से खींच खींचकर बाहर निकाल रही। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का लोग विरोध कर रहे हैं। लोग अधिकारियाें से कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीण प्रशासन से मोहलत देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। वहीं अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बीजापुर नगरपालिका, तहसीलदार और पुलिस बल के जवान मौके पर मौजूद हैं। पीड़ित गंगा माड़वी का कहना है कि वे अपने परिवार के साथ पिछले चार सालों से यहां रह रहे हैं। नक्सली हिंसा के कारण वे अपने गांव को छोड़कर यहां आए थे।

प्रशासन से बातचीत के बाद उन्होंने घर बनाया और नियमित रूप से टैक्स भी जमा कर रहे थे। अब प्रशासन घरों को तोड़ रहा है, गांव वापस गए तो नक्सली मार देंगे। गंगा के अनुसार तीन महीने पहले उन्हें मकान खाली करने का नोटिस मिला था, जिस पर मामला कोर्ट में चल रहा है। उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया था कि घर नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन अब अचानक मकानों को गिराया जा रहा है।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी बीएल. नुरेटी और तहसीलदार पंचराम सलामे ने आज शुक्रवार काे बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई में कुल 55 अवैध मकान शामिल हैं।

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