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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:59 · नई दिल्ली संस्करण

नाइजीरियाई नागरिक समेत 4 साइबर ठग गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नाइजीरियाई नागरिक समेत 4 साइबर ठग गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन ने दूसरे राज्यों में फैले साइबर फ्रॉड के एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। यह गिरोह किसी और का रूप धरकर धोखाधड़ी करता था। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें एक नाइजीरियाई नागरिक भी शामिल है।

इन लोगों ने शिकायतकर्ता को अमेरिकी डॉलर और सोने वाला विदेशी पार्सल भेजने का झांसा देकर 1.46 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी।

इस ऑपरेशन के तहत दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मिलकर जांच की गई और अपराध में इस्तेमाल किए गए 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए।

31 मई को 2026 को दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में एक शिकायत मिली।

शिकायतकर्ता ने बताया कि किसी ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए उसे ठगा है। धोखाधड़ी करने वालों ने खुद को अमेरिका का निवासी बताकर वॉट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए शिकायतकर्ता से संपर्क किया। निजी संबंध बनाकर उन्होंने उसका भरोसा जीता और झूठा दावा किया कि उसके नाम पर अमेरिकी डॉलर और सोने वाला एक पार्सल भारत भेजा गया है।

इसके बाद शिकायतकर्ता को मनी डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट, फ्लाइट टिकट बुकिंग, कस्टम क्लीयरेंस चार्ज और जब्त किए गए सोने को छुड़ाने का खर्च समेत झूठे बहाने बनाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाया गया।

धोखाधड़ी करने वालों की झूठी बातों पर भरोसा करके शिकायतकर्ता ने अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक अकाउंट के जरिए 1.46 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अपराधियों को पकड़ने के लिए एक खास टीम बनाई। जांच के दौरान डिटेल्ड टेक्निकल एनालिसिस, डिजिटल सबूतों की जांच, फाइनेंशियल जांच और सर्विलांस किया गया। डिजिटल सबूतों और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के एनालिसिस से जांच टीम दिल्ली से तेलंगाना और आखिर में विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) पहुंची, जिससे चार आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

टेक्निकल इनपुट के आधार पर आरोपी दीपक कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल उसके पास से बरामद किया गया। आगे की जांच में पुलिस टीम तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले पहुंची, जहां आरोपी कोंडा सागर को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी अजमीरा विनोद कुमार को तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से दो मोबाइल बरामद किए गए।

आगे के टेक्निकल एनालिसिस से विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में रहने वाली नाइजीरियाई नागरिक सिमियन मिरेकल चिनोनसो की भूमिका का पता चला। टेक्निकल इनपुट पर तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने विशाखापत्तनम में रेड की और आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। ऑपरेशन के दौरान अपराध में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल उसके पास से बरामद किए गए।

जांच से पता चला कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का हिस्सा बनकर काम कर रहे थे। दीपक कुमार, कोंडा सागर और अजमीरा विनोद कुमार कमीशन के बदले साइबर फ्रॉड सिंडिकेट को 'म्यूल' बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे। नाइजीरियाई नागरिक सिमियन मिरेकल चिनोनसो,वॉट्सऐप चैट और फोन कॉल के जरिए इमिग्रेशन अधिकारियों, कस्टम अधिकारियों और दूसरे संगठनों के प्रतिनिधियों का रूप धरकर लोगों को धोखा देता था।

विदेशी पार्सल, कस्टम क्लीयरेंस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज और कीमती सामान छुड़ाने जैसी झूठी कहानियां बनाकर पीड़ितों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए उकसाता था। ठगी के पैसे को कई बैंक अकाउंट के ज़रिए घुमाया जाता था ताकि पैसे के स्रोत का पता न चले और उसे आगे आसानी से ट्रांसफर किया जा सके।

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