केजरीवाल सरकार में 4.6 करोड़ का सिंचाई घोटाला उजागर , निलंबित इंजीनियर और ठेकेदार गिरफ्तार

केजरीवाल सरकार में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी | ₹4.6 करोड़ का सिंचाई विभाग घोटाला उजागर, BJP की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्ती से कहा “भ्रष्टाचारियों की अब खैर नहीं”
दिल्ली, 30 जून 2025 — राजधानी की जनता एक बार फिर उस कटु सच्चाई से रूबरू हो रही है, जो 2023 में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार के शासनकाल के दौरान पनपी थी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) में ₹4.6 करोड़ के फर्जी भुगतान घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने विभाग के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है, जिन पर बिना कोई काम कराए सरकारी धन लूटने का आरोप है।
यह मामला 2023 में उस समय का है जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद शराब नीति घोटाले, शीश महल जैसे ऐशो-आराम के निर्माण, और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग में आरोपों से घिरे हुए थे। जब प्रदेश का मुखिया ही नीति और नैतिकता से भटक जाए, तो विभागों में बैठे छोटे अधिकारियों और ठेकेदारों को कौन रोक पाएगा?
घोटाले की परतें खोलें तो यह सामने आता है कि सिरसपुर और बुराड़ी क्षेत्रों में जो निर्माण कार्य दर्शाए गए थे, वो कागजों में पूरे हुए, लेकिन ज़मीनी हकीकत में एक ईंट भी नहीं लगी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी माप पुस्तिकाएं (Measurement Books), नकली बैंक गारंटी और झूठे बिलों के आधार पर ₹4.6 करोड़ का भुगतान कर दिया गया।
जब ACB और विभागीय विजिलेंस टीम ने गहराई से जांच की, तो यह भ्रष्टाचार का मकड़जाल सामने आया। यह घोटाला न केवल दिल्ली की जनता के पैसे की खुली लूट है, बल्कि यह साबित करता है कि केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में पारदर्शिता केवल विज्ञापन तक सीमित थी।
लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा,“2023 की गंदगी को साफ करने का समय आ गया है। जो भी सरकारी धन की लूट में शामिल रहा है, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी या ठेकेदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
रेखा गुप्ता की अगुवाई में BJP सरकार ने यह संदेश साफ कर दिया है कि दिल्ली अब भ्रष्टाचारमुक्त शासन की ओर बढ़ रही है। यह घोटाला न केवल पूर्ववर्ती सरकार की विफलता का प्रतीक है, बल्कि नई सरकार की जवाबदेही और इच्छाशक्ति का प्रमाण भी है।
अब सवाल सिर्फ ₹4.6 करोड़ का नहीं, बल्कि उस शासन प्रणाली का है जिसने भ्रष्टाचार को राजनीतिक संस्कृति बना दिया था। रेखा गुप्ता सरकार की सक्रियता और ACB की तीव्र कार्रवाई ने यह दिखा दिया है कि अब दिल्ली में ‘भ्रष्टाचारियों के अच्छे दिन’ खत्म हो चुके हैं।
जनता अब देख रही है कि 2013 से शुरू हुए 'ईमानदारी के ढोंग' की सच्चाई क्या थी, और 2025 में ईमानदारी की असली परिभाषा क्या होनी चाहिए।





