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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

वाइब्रेंट विलेज योजना से बसंतपुर-निर्मली के 30 सीमावर्ती गांवों का होगा विकास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वाइब्रेंट विलेज योजना से बसंतपुर-निर्मली के 30 सीमावर्ती गांवों का होगा विकास

सुपौल। भारत-नेपाल सीमा से सटे सुपौल जिले के 30 गांवों का चयन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत किया गया है। इनमें 27 गांव बसंतपुर प्रखंड और तीन गांव निर्मली प्रखंड के शामिल हैं।

इन गांवों में सड़क, बिजली, नाला समेत आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न आजीविका आधारित योजनाएं भी संचालित होंगी।

इसको लेकर गुरुवार को बसंतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित टीसीपी भवन में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि चयनित गांवों का आवश्यक डाटा तैयार किया जा चुका है। अब सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि किसी भी परियोजना के क्रियान्वयन में विलंब न हो।

उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर वहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना और पलायन को कम करना है।

बैठक में योजनाओं के लिए आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

एसडीएम ने बताया कि चयनित प्रत्येक पंचायत में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क, बिजली, नाला, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा। इससे भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और लोगों को बेहतर l जीवन-परिस्थितियां उपलब्ध होंगी।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना के तहत मत्स्य पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, मुर्गी पालन और अन्य पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

वहीं महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन, मखाना उत्पादन सहित कई स्वरोजगार आधारित कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

बैठक में बसंतपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा, अंचलाधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह, बीसीओ रोशन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने चयनित गांवों में प्रस्तावित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।

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