मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:08 · नई दिल्ली संस्करण

सीमापुरी से 16 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीमापुरी से 16 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

नई दिल्ली। शाहदरा जिले के सीमापुरी इलाके में विदेशी सेल और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने 16 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 30 मई को खुफिया सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में 4 पुरुष, 5 महिलाएं और 7 बच्चे (जिनकी उम्र 5 वर्ष से अधिक है) शामिल हैं।डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि जिले की विदेशी सेल को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिक उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा के पास शहीद नगर से होते हुए सीमापुरी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना को पुख्ता कर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें विदेशी सेल और स्पेशल स्टाफ के अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने निगरानी और सूत्रों से प्राप्त पहचान के आधार पर सीमापुरी में प्रवेश कर रहे समूह को रोक लिया और मौके पर ही सभी 16 लोगों को हिरासत में ले लिया।पूछताछ के दौरान पुष्टि हुई कि सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में घुसे थे। गिरफ्तारी के बाद सभी को दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए थाने लाया गया और विदेशी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सभी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को सौंप दिया है।गिरफ्तार लोगों ने पूछताछ में बताया कि वे करीब 18-19 साल पहले बांग्लादेश के अपने गांवों से गरीबी से तंग आकर रोजगार की तलाश में निकले थे। ये गांव भारत-बांग्लादेश सीमा से केवल 40-50 किलोमीटर दूर स्थित हैं। आगे पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने रात के अंधेरे में सीमा पार की थी। सीमा पार करने के बाद ये लोग पश्चिम बंगाल के कूचबिहार क्षेत्र में कुछ समय रुके और फिर ट्रेन से दिल्ली पहुंचे। बाद में हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में स्थित ईंट-भट्टों में मजदूरी करने लगे। इन भट्टों पर काम करते हुए ये लोग बिना किसी सरकारी जांच के वर्षों तक छिपकर रहते रहे। भट्टा मालिकों ने उन्हें बिना दस्तावेज के काम पर रखा क्योंकि वे सस्ते श्रमिक के रूप में काम करते थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें