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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:33 · नई दिल्ली संस्करण

14 साल में 123 पेपर लीक, 1.27 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित: पप्पू यादव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
14 साल में 123 पेपर लीक, 1.27 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित: पप्पू यादव

पटना : बिहार के पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों पर जुबानी हमला किया।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में कथित तौर पर 123 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं और सरकार एक भी मामले को रोकने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार, जो छात्रों के भविष्य की रक्षा नहीं कर सकती, वह देश कैसे चला पाएगी।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के कारण करीब 1 करोड़ 27 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और उनके परिवारों की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक नुकसान मध्यम और गरीब वर्ग के छात्रों को उठाना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों को फायदा मिल जाता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार एक परीक्षा को सही तरीके से आयोजित नहीं कर सकती, तो उसकी कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

नीट की तैयारी कर रहे एक छात्र की मौत के मामले पर भी पप्पू यादव ने चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि छात्रावासों की निगरानी के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए और सरकार को स्पष्ट दिशानिर्देश लागू करने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्राओं के हॉस्टल के लिए मानक तय किए जाएं और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, जिसमें अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर समय-समय पर हॉस्टल की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए, साथ ही सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया जाए।

वहीं, सम्राट चौधरी को सीएम बनाने को लेकर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वह पहले ही खुद को भाजपा से अलग बता चुके हैं और नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकारी होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी भाजपा के नहीं, एनडीए के मुख्यमंत्री है और इस पर ज्यादा बहस की आवश्यकता नहीं है।

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