मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:50 · नई दिल्ली संस्करण

गढ़चिरौली में 11 हार्डकोर माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गढ़चिरौली में 11 हार्डकोर माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

गढ़चिरौली। महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के 11 सीनियर और हार्डकोर कैडर ने महाराष्ट्र की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें दो डिवीजनल कमेटी सदस्य, तीन प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, दो एरिया कमेटी सदस्य और चार आम पार्टी सदस्य शामिल हैं।

इन सभी पर कुल 82 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

खास बात यह रही कि इनमें से चार कैडर ने अपनी वर्दी और हथियारों के साथ सरेंडर किया। सरेंडर करने वालों में सबसे बड़ा नाम 57 साल के रमेश उर्फ भीमा उर्फ बाजू गुड्डी लेकामी का है, जो भामरागढ़ एरिया का डिवीजनल कमेटी सदस्य था। अन्य सदस्य छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों के रहने वाले हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

इस साल यह सबसे बड़ा सरेंडर नहीं है। लेकिन, इसका महत्व बहुत है। साल 2025 में अब तक गढ़चिरौली में 112 हथियारबंद माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

सिर्फ इसी साल जनवरी में 11 और अक्टूबर में पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू समेत 61 बड़े कैडर ने सरेंडर किया था। कुल मिलाकर 2005 से अब तक 783 सक्रिय माओवादी गढ़चिरौली पुलिस के सामने हथियार डाल चुके हैं।

डीजीपी रश्मि शुक्ला दो दिन के दौरे पर गढ़चिरौली आई थीं। उन्होंने कहा कि माओवादी विचारधारा खोखली साबित हो चुकी है और आम आदिवासी उसकी हिंसा से तंग आ चुके हैं।

यही वजह है कि बड़ी संख्या में कैडर सरेंडर कर रहे हैं। उन्होंने बचे हुए माओवादियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सम्मान की जिंदगी जिएं। महाराष्ट्र सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति इनके लिए दरवाजा खोलती है।

कार्यक्रम में डीजीपी ने सी-60 कमांडो और अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इन्हीं जवानों ने लाहेरी जंगल में अक्टूबर में भूपति सहित 61 माओवादियों का सरेंडर करवाया था। डीजीपी ने उनकी बहादुरी और समर्पण की तारीफ की।

इस मौके पर गढ़चिरौली पुलिस ने एक खास गाइडबुक भी जारी की, जिसका नाम है, ‘प्रोजेक्ट उड़ान - विकास की एक झलक।’ यह गाइडबुक दूरदराज के आदिवासी इलाकों में चल रही सरकारी योजनाओं की आसान जानकारी देती है।

डीजीपी ने इसे लॉन्च करते हुए कहा कि अब पुलिस सिर्फ सुरक्षा नहीं, विकास का माध्यम भी बनेगी।

कार्यक्रम में एडीजी (स्पेशल ऑपरेशंस) डॉ. छेरिंग दोरजे, डीआईजी अंकित गोयल और एसपी नीलोत्पल सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि यह सफलता गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान का नतीजा है। माओवादी आंदोलन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में और सरेंडर होने की उम्मीद है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें