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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:13 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में गंडक बैराज से छोड़ा गया 1.09 लाख क्यूसेक पानी,कई जिलों में अलर्ट जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बिहार में गंडक बैराज से छोड़ा गया 1.09 लाख क्यूसेक पानी,कई जिलों में अलर्ट जारी

पटना। बिहार में गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से पानी छाेड़ा गया है, जिसके बाद राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है।गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से रविवार सुबह 10 बजे तक के अपडेट के अनुसार भारी जल प्रवाह दर्ज किया गया है। बैराज से उपरी जल प्रवाह करीब 1,09,500 क्यूसेक रहा, जबकि निचली ओर 86,000 क्यूसेक मापा गया। बैराज का ऊपरी जलस्तर 362.00 फीट और निचला जलस्तर 345.00 फीट रिकॉर्ड किया गया, जो जलस्तर में लगातार वृद्धि की ओर संकेत करता है।दरअसल, गंडक नहर प्रणाली के अंतर्गत आने वाली नहरों से छोड़े गए जल की मात्रा अभी उनकी डिज़ाइन क्षमता से कम है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रशासन जलस्तर को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहा है।नेपाल के देवघाट क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, वहां से गंडक नदी में 1,22,349.15 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वर्तमान में जलस्तर 4.43 मीटर पर है, जो चेतावनी स्तर (7.3 मीटर) और खतरे के स्तर (9.0 मीटर) से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण इसकी निगरानी बेहद आवश्यक हो गई है।ईस्टर्न मेन कैनाल से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि इसकी डिज़ाइन क्षमता 15,645 क्यूसेक है। वेस्टर्न मेन कैनाल से 14,500 क्यूसेक जल प्रवाहित किया जा रहा है, जो 18,800 क्यूसेक की डिज़ाइन सीमा से कम है। सारण मुख्य नहर से 4,120 क्यूसेक पानी निकाला गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 8,530 क्यूसेक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता बढ़ती है, तो पानी का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है।नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी का सीधा असर बिहार के तटीय जिलों पर पड़ता है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बिहार सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संवेदनशील जिलों में सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सामान के साथ सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल संसाधन विभाग की टीमें गश्त कर रही हैं और जल स्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते जल संसाधन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। आसपास के जिलों बेतिया, गोपालगंज, सारण और छपरा में चेतावनी जारी की गई है। नदी के तटीय इलाके में बसे गावों के लोगों को सतर्क रहने तथा नदी के करीब और नदी में जाने से मना किया गया है। जनता से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें, और केवल सरकारी विभागों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

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