बिपरजॉय चक्रवात : राज्यभर में तत्काल बनाए गए 1521 शेल्टर होम्स

*स्थायी 76 मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर्स जनता के लिए बने आसरागांधीनगर/अहमदाबाद। प्राकृतिक आपदा और चक्रवातों के संकट से निपटने व लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए राज्य सरकार ने तटवर्ती क्षेत्रों में पहले से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 75 मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर्स का निर्माण कराया है। आज बिपरजॉय चक्रवात के खतरे के समय ये शेल्टर्स जनता के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं। इन 75 मल्टीपर्पज साइक्लोन शेल्टर्स में जूनागढ़ में 25, गीर सोमनाथ में 29, पोरबंदर में 4, देवभूमि द्वारका में 4, कच्छ में 5, अमरेली में 2, जामनगर में 1, नवसारी में 1, भरूच में 5 और अहमदाबाद में 1 शेल्टर का समावेश है।इसके अलावा, बिपरजॉय चक्रवात के चलते मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र के इन 8 जिलों में 1521 शेल्टर होम्स तत्काल स्थापित किए गए हैं। इनमें जूनागढ़ में 196, कच्छ में 173, जामनगर में 56, पोरबंदर में 140, देवभूमि द्वारका में 182, गीर सोमनाथ में 507, मोरबी में 31 और राजकोट में 236 शेल्टर होम्स स्थापित किए गए हैं। मेडिकल टीम द्वारा इन शेल्टर होम्स की नियमित विजिट की जा रही है और वहां स्थानांतरित करके लाए गए लोगों की इस टीम द्वारा उचित स्वास्थ्य जांच की जा रही है।संभावित चक्रवात के परिणामस्वरूप राज्य में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए सरकार व प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद है। चक्रवात के संभावित खतरे वाले 8 जिलों से अब तक कुल 94 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण कराया है। राज्य में चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले कच्छ में 46,823, जूनागढ़ में 4864, जामनगर में 9942, पोरबंदर में 4379, देवभूमि द्वारका में 10,749, गीर सोमनाथ में 1605, मोरबी में 9243 और राजकोट में 6822 नागरिकों सहित कुल 8 जिलों में अब तक लगभग 94,427 नागरिकों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण कराया गया है। इनमें 8930 बच्चे, 4697 वृद्ध और 1131 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इन सभी के लिए फूड पैकेट्स के साथ जरूरी दवाइयां प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई है।





