यूपीपीएससी दफ्तर के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, अखिलेश ने छात्रों का किया समर्थन

सेवा आयोग दफ्तर के सामने अपनी मांगों को लेकर पीसीएस, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की तैयारी कर रहे छात्रों ने धरना दिया। बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। आयोग और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू की। पुलिस के अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाया। उनसे हटने को कहा। इस पर भी वह नहीं माने और उल्टे छात्रों ने नारेबाजी तेज कर दी। छात्रों को उग्र होता देख पुलिस ने डंडे फटकार कर युवाओं को वहां से हटाया। दूसरी तरफ इस पर सियासत शुरू हो गयी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट कर छात्रों को समर्थन दिया है। उन्होंने लिखा कि युवा विरोधी भाजपा का विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज बेहद निंदनीय कृत्य है। प्रयागराज में यूपीपीएससी में धांधली को रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने जो जब मांग बुलंद की तो भ्रष्ट सरकार हिंसक हो उठी। हम फिर दोहराते हैं, नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। हम युवाओं के साथ हैं। युवा आज ही कहे कि नहीं चाहिए भाजपा।इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी रविवार को ही छात्रों का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि लोकसेवा आयोग अपनी कमियों को छुपाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहा है। प्रतियोगी छात्र आरओ, एआरओ की परीक्षा मं नार्मलाइजेशन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि एक दिन में एक शिफ्ट में ही पीसीएस प्री 2024 और आर ओ और ए आर ओ प्री 2023 की परीक्षाएं कराई जाएं।





