नीति आयोग की रिर्पोट में हुआ खुलासा ,झारखंड में भूमि की उत्पादकता घटी, गरीबी बढ़ी

रांची : झारखंड में भूमि की उत्पादकता लगातार घटती ही जा रही है। इसका खुलासा नीति आयोग की रिर्पोट में हुआ है। रिपोर्ट्स की मानें तो राज्य के सभी जिलों में भूमि की उत्पादकता 100 से 16 फीसदी तक घट गयी है। पश्चिमी सिंहभूम में भूमि की ऊर्वरा शक्ति सबसे अधिक 100 फीसदी कम हुई है।भूमि की उर्वरा शक्ति कम होने के कारण झारखंड में गरीबी का प्रतिशत भी बढ़ा है।नीति आयोग की रिर्पोट के अनुसार, झारखंड में 42.10 लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं।
भूमि की उर्वरा शक्ति घटने का गोड्डा में सबसे ज्यादा असर पड़ा है।भूमि की उत्पादकता घटने के कारण यहां गरीबी दर 48.56 फीसदी हो गयी है। वहीं पश्चिमी सिंहभूम की भूमि की ऊर्वरा शक्ति में 100 फीसदी तक की कमी आयी है। यहां 43.63 फीसदी लोग गरीबी है। गुमला में भूमि का ऊर्वरा शक्ति में 81.06 और दुमका में 84.62 फीसदी की कमी हुई है। वहीं बोकारो, चतरा और गढ़वा के भूमि की ऊर्वरा शक्ति में सबसे कम घटी है।





