मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

भाजपा विधायक दल की बैठक में 40 सीटों पर बनी चुनावी रणनीति

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन

नीतीश चाहें तो भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं : सम्राट चौधरी

पटना। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहें तो भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। उनका स्वागत है। सीएम नीतीश के लिए कोई दिक्कत नहीं है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा के आवास पर शुक्रवार को बीजेपी विधायकों की अहम बैठक हुई। इसमें बीजेपी विधायकों के साथ-साथ पार्टी के कई सांसद भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने लालू यादव और नीतीश कुमार की मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कौन किसका पैर पकड़ रहा है, मुझे उससे कोई मतलब नहीं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इंडि अलायंस के लोगों को 40 के 40 सीटों पर हराना है। जदयू का भाजपा से गठबंधन पर सम्राट चौधरी ने कहा कि कहां सपना देख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार के लिए बाधा कहीं नहीं है। मैं तो कहीं रहा हूं कि नीतीश कुमार अगर भाजपा की सदस्यता लेना चाहे या लालू प्रसाद भाजपा की सदस्यता लेना चाहे तो उनका स्वागत है। हम कार्यक्रम चला रहे हैं और इसके माध्यम से पार्टी को मजबूत करने का काम किया जा रहा है, इसलिए बैठक किए हैं।माना जा रहा है कि जदयू और राजद के बीच सबकुछ ठीक-ठाक नहीं है। यही कारण है कि कई मुद्दों पर जदयू और राजद के नेता एक दूसरे के खिलाफ ही बयान देते नजर आते हैं। बिहार में दी जा रही लाखों नौकरी को लेकर राजद और जदयू में श्रेय लेने की होड़ मची है। साथ ही नीतीश-लालू के बीच के संबंधों पर असर देखा जा रहा है। इन परिस्थितियों के बीच बिहार की सियासत में बड़े बदलाव की चर्चा होनी शुरू हो गई है। अगर नीतीश कुमार कोई कदम उठाते है तो बीजेपी इस पर नजर बनाए हुए है और तत्काल कदम उठाने के लिए तैयार है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में तमाम विधायकों से नीतीश कुमार को लेकर फीडबैक भी ले सकती है। बीजेपी चाहती है कि कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच बीजेपी को लेकर सकारात्मक संदेश बना रहे।बिहार की मौजूदा करवट लेती सियासत पर बीजेपी भले ही खुलकर कुछ बोलने से परहेज कर रही है। लेकिन, अंदरखाने में पार्टी ने नीतीश को लेकर नरम रुख अख्तियार करना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी हो या अन्य नेता नीतीश कुमार को लेकर अपने बयानों में सख्ती नहीं दिखाते। शुक्रवार की बैठक में माना जा रहा है कि विधायकों को भी यह संदेश दिया जा सकता है कि नीतीश कुमार के खिलाफ मुद्दों के आधार पर सवाल भले उठाए। लेकिन, व्यक्तिगत हमले नहीं किया जाए। इसके साथ ही बिहार में लॉ एंड ऑर्डर और अपराध के मुद्दे पर राजद पर सवाल खड़े किए जाएंगे।सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर चुकी है। 15 तारीख से स्कूल, दीवार लेखन के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे देश में अभियान की शुरुआत की है। हम लगातार तीर्थ स्थान पर मंदिर सफाई अभियान चला रहे हैं। लाभार्थी संपर्क अभियान, गांव संपर्क अभियान चलाएंगे। इसलिए स्पष्ट है कि हम जनता के बीच में इंडि अलायंस के लोगों ने जो काम नहीं किया है वह बताएंगे। उन्होंने कहा कि 15 साल तक लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री रहे और 18 वर्षों से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। बिहार की जनता से हम चाहते हैं की अपार बहुमत से फिर से नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाएं।बीजेपी की विधायक दल की बैठक में मुख्य तौर पर दो एजेंडों पर बातचीत हुई। युवा मतदाताओं (न्यू वोटर्स) का बीजेपी सम्मलेन करेगी। हर विधानसभा में इसका आयोजन होगा। वहीं, बीजेपी जल्द गांव चलो अभियान की शुरुआत करेगी। इसके तहत एक साथ 45 हज़ार गांव में 45 हज़ार पार्टी के संयोजक पहुंचेंगे। इसके लिए पार्टी की तरफ से पंचायतवार संयोजक बनाये गए हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से 5 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर विधानसभा में पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी। वहीं, बदल रही सियासत पर भी रणनीति बनाई जा सकती है। 5 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में पार्टी सरकार को कई बिंदुओं पर घेरने की तैयारी में है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें