मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:40 · नई दिल्ली संस्करण

योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में स्कॉलरशिप और पेंशन वितरण के लिए लागू होगी एआई तकनीक

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से उन्नत कदम उठाया है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन65 बार पढ़ा गया
योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में स्कॉलरशिप और पेंशन वितरण के लिए लागू होगी एआई तकनीक

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से उन्नत कदम उठाया है। राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति (Scholarship) और पेंशन योजनाओं के वितरण में होने वाले फर्जीवाड़े और धांधलियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसेगा, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के सीधे और समय पर पहुंच सकेगा।

अब तक छात्रवृत्ति और वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन योजनाओं में कई स्तरों पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती थीं, जहां अपात्र लोग फर्जी दस्तावेजों या मृत व्यक्तियों के नाम पर गलत तरीके से सरकारी खजाने का लाभ उठा लेते थे। इस समस्या से स्थायी रूप से निजात पाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एआई-बेस्ड डेटा एनालिसिस और फेशियल रिकग्निशन जैसी तकनीकों को एकीकृत किया है। इसके तहत आवेदन करने वाले छात्रों और पेंशनभोगियों के दस्तावेजों, आधार डेटा और बायोमेट्रिक विवरणों का मिलान एआई सॉफ्टवेयर के जरिए बेहद बारीकी से किया जाएगा। यदि सिस्टम को किसी भी स्तर पर कोई विसंगति, डुप्लीकेट प्रविष्टि या संदिग्ध दस्तावेज दिखाई देगा, तो वह तुरंत उसे चिह्नित कर लेगा और संबंधित विभाग को सतर्क कर देगा।

इस अत्याधुनिक पहल के तहत सरकार ने एक एकीकृत पोर्टल विकसित किया है जो डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के साथ सीधे जुड़ा हुआ है। एआई तकनीक की मदद से यह स्वतः सत्यापित हो जाएगा कि जो व्यक्ति पेंशन या स्कॉलरशिप का दावा कर रहा है, वह वास्तविक रूप से जीवित है और पात्रता के सभी मानदंडों को पूरा करता है। पेंशन मामलों में अक्सर जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा कराने में होने वाली देरी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए डिजिटल और एआई-संचालित फेशियल वेरिफिकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे बुजुर्गों को भी बैंकों या कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।

योगी सरकार के इस बड़े फैसले से राज्य के करोड़ों वास्तविक विद्यार्थियों और लाखों जरूरतमंद पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र पर कड़ा प्रहार करते हुए इस डिजिटल क्रांति ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि सरकारी योजनाओं का एक-एक रुपया केवल सही और हकदार व्यक्ति की झोली में ही गिरे। पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-युक्त शासन की दिशा में यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल के रूप में स्थापित कर रहा है, जिससे सुशासन और डिजिटल एक्सीलेंस का नया दौर शुरू हुआ है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें