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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का खतरा बढ़ा, पुराना रेलवे ब्रिज बंद

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का खतरा बढ़ा, पुराना रेलवे ब्रिज बंद

नई दिल्ली। हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लगातार पानी छोड़े जाने से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि दिल्ली में पुराना रेलवे ब्रिज बंद किया गया है। इसके अलावा, यमुना नदी से सटे इलाकों में जिलाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

दिल्ली में फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। लोहा पुल (पुराना लोहे का पुल) के पास जलस्तर निकासी के निशान 206 मीटर के करीब पहुंचा है। इसी कारण पुल को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली के यमुना बाजार समेत अन्य इलाकों में पानी आवासीय कॉलोनियों में घुसने लगा है। बाढ़ के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है।

हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से पिछले 24 घंटे में 3.29 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, यमुना बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं। ऐसे में दिल्ली में बाढ़ का संकट है। दो साल पहले दिल्ली में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंचा था, जिससे राजघाट और लाल किला एरिया समेत यमुना किनारे की कॉलोनियों में कई फीट तक पानी भर गया था।

फिलहाल, स्थितियों को देखते हुए दिल्ली में भी बैराजों के गेट खोले जा चुके हैं, जिससे राजधानी में पानी का दबाव कम हो सके और बाढ़ की ज्यादा गंभीर स्थिति न बने। जिला मजिस्ट्रेटों की निगरानी में निकासी प्रक्रिया जारी है।

हालांकि, यमुना का लगातार जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती है। दिल्ली में यमुना किनारे रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि सितंबर में मानसून सक्रिय बना रहेगा और देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। राजधानी दिल्ली में सोमवार को बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था, जहां सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही।

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