बिहार में अतिथि शिक्षकों की नहीं जाएगी नौकरी सीएम सचिवालय ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को लिखा

बिहार में अतिथि शिक्षकों की नहीं जाएगी नौकरी
सीएम सचिवालय ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को लिखा पत्र
पटना।बिहार में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने के निर्णय के बाद सियासत गरमाई हुई है। अतिथि शिक्षक उनके सेवा को समाप्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं इस मामले में अब बड़ी खबर सामने आ रही है। इस खबर से अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। हालांकि इस मामले में अब भी सारा फैसला केके पाठक के निर्णय पर ही निर्भर करेगा। दरअसल, सीएम के सचिवालय से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को पत्र लिखा गया है। पत्र के माध्यम से पाठक को अतिथि शिक्षकों को शिक्षक बहाली परीक्षा में मौका देने के लिए निर्णय लेने को कहा गया है। अब देखना होगा की केके पाठक इस मामले में क्या फैसला करते हैं।
बिहार में अतिथि शिक्षकों को हटाए जाने के निर्णय के बाद सियासत गरमाई हुई है। अतिथि शिक्षक उनके सेवा को समाप्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में अब भी सारा फैसला केके पाठक के निर्णय पर ही निर्भर करेगा। दरअसल, सीएम के सचिवालय से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को पत्र लिखा गया है। पत्र के माध्यम से पाठक को अतिथि शिक्षकों को शिक्षक बहाली परीक्षा में मौका देने के लिए निर्णय लेने को कहा गया है। अब देखना होगा की के. के पाठक इस मामले में क्या फैसला करते हैं।मालूम हो कि, शिक्षा विभाग के आदेश के बाद 1 अप्रैल से अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त हो गई है। वहीं इसके विरोध में अतिथि शिक्षकों ने पटना में जमकर बवाल भी किया था। वहीं पटना पुलिस ने इस दौरान अतिथि शिक्षकों पर लाठियां भी बरसाई थी। साथ ही कई अतिथि शिक्षक हिरासत में भी लिए गए थे। वहीं इसके बाद एमएलसी जीवन कुमार ने सीएम नीतीश को पत्र लिखा था। जिसमें प्लस 2 स्कूल के अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति को लेकर निर्णय लेने को कहा था। वहीं सीएम के संज्ञान के बाद अब के.के पाठक को इस मामले में निर्णय लेना है। बताते चलें कि, सीएम सचिवालय से के. के पाठक को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि, के के पाठक अतिथि शिक्षकों को बीपीएससी शिक्षक बहाली में मौका दिया जाए, अतिथि शिक्षकों को भी फार्म भरने दिया जाए। वहीं अब इस मामले में के के पाठक क्या फैसला लेते हैं, यह देखने योग्य बात होगी। गौरतलब हो कि, शिक्षा विभाग ने बीते दिन पत्र जारी कर कहा था कि 1 अप्रैल से किसी भी परिस्थिति में अतिथि शिक्षकों से सेवा नहीं ली जाएगी। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारियों को अतिथि शिक्षकों के सेवा में नहीं होने का प्रमाण पत्र भी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना होगा। इस पत्र को माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने सभी जिला के शिक्षा पदाधिकारियों को लिखा था।





